मंत्री आशीष सूद दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव का शुक्रवार को करेंगे शुभारंभ
नई दिल्ली, 08 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद शुक्रवार को दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव का शुभारंभ नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी द्वारका में करेंगे। युवा उद्यमिता और नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए दिल्
दिल्ली सचिवालय में प्रेस कांफ्रेंस करते दिल्ली के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद


नई दिल्ली, 08 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद शुक्रवार को दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव का शुभारंभ नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी द्वारका में करेंगे। युवा उद्यमिता और नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए दिल्ली सरकार, प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा निदेशालय (डीटीटीई) के माध्यम से दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव का आयोजन कर रही है। यह एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य छात्र-नेतृत्व वाले और प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप्स को सशक्त बनाना तथा दिल्ली के कैंपस-टू-मार्केट स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत करना है।

मंत्री आशीष सूद ने गुरुवार को एक विज्ञप्ति जारी करके इस महोत्सव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पहल शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता को एकीकृत करने की सरकार की सोच को दर्शाती है। डीटीटीई सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली के भीतर स्टार्टअप संस्कृति को संस्थागत रूप देने और युवाओं को उद्यमिता को एक मुख्यधारा करियर विकल्प के रूप में अपनाने में सक्षम बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 75,000 से अधिक छात्र और युवा नवोन्मेषक डीटीटीई द्वारा समर्थित उद्यमिता और नवाचार कार्यक्रमों से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं, जिनकी भागीदारी प्रतिवर्ष 25–30 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। सरकारी संस्थानों में 470 से अधिक स्टार्टअप्स का इनक्यूबेशन किया जा रहा है, जो प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, सतत विकास, शिक्षा, विनिर्माण और रचनात्मक उद्योगों जैसे विविध क्षेत्रों में कार्यरत हैं।

सूद ने आगे कहा कि डीटीटीई समर्थित स्टार्टअप्स पहले वर्ष में औसतन प्रति स्टार्टअप 4–5 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित कर रहे हैं, जिससे युवा रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है। प्रारंभिक चरण के मानकों के आधार पर, इन स्टार्टअप्स ने सामूहिक रूप से अनुमानित 500–600 करोड़ रुपये का कुल राजस्व किया है, जो दिल्ली के सार्वजनिक स्टार्टअप इकोसिस्टम की बढ़ती परिपक्वता को दर्शाता है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार लक्षित नीतिगत समर्थन के माध्यम से इस इकोसिस्टम को लगातार सशक्त कर रही है। इसमें प्रस्तावित दिल्ली स्टार्टअप नीति 2025 शामिल है, जिसके तहत 5 वर्षों में 325 करोड़ रुपये का प्रावधान और वर्ष 2035 तक 5,000 स्टार्टअप्स को सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही इनक्यूबेशन केंद्रों, इनोवेशन लैब्स का विस्तार तथा छात्र उद्यमियों, महिला संस्थापकों और प्रथम-पीढ़ी के नवप्रवर्तकों के लिए विशेष सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव युवा-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को प्रदर्शित करने, उद्यमियों को निवेशकों और मेंटर्स से जोड़ने तथा नवाचार-आधारित समाधानों को प्रोत्साहित करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। इस महोत्सव को स्टार्टअप पिचिंग और नवाचार प्रतियोगिताओं के लिए 750 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं तथा इसमें संरचित मेंटरशिप और प्रत्यक्ष निवेशक पिचिंग के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव