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पश्चिमी सिंहभूम, 07 जनवरी (हि.स.)। पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड में जंगली हाथियों के हमले से हुई दर्दनाक घटनाओं के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा बुधवार को प्रभावित गांव में पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
मधु कोड़ा ने कहा कि इस कठिन समय में पीड़ित परिवार अकेले नहीं हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे प्रशासन से लेकर सरकार तक उनकी आवाज उठाएंगे और मृतकों के परिजनों को अविलंब मुआवजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और स्थायी उपाय किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
घटनास्थल पर मौजूद रहते हुए मधु कोड़ा ने वन विभाग के रेंजर से दूरभाष पर बातचीत की और मृतकों के परिजनों को तत्काल सरकारी मुआवजा देने, क्षेत्र में हाथियों की निगरानी बढ़ाने तथा ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित इलाकों में सोलर फेंसिंग लगाने, अलर्ट सिस्टम को मजबूत करने और वनकर्मियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत भी बताई।
इस मौके पर नोवामुंडी मंडल अध्यक्ष चंद्र मोहन गोप, मीडिया प्रभारी विनित कुमार गोप, निखिलेश बोबोंगा, सुखराम कोड़ा, पीतांबर बोबोंगा, लक्ष्मण गोप सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
गौरतलब है कि मंगलवार देर रात नोवामुंडी प्रखंड की जेटेया पंचायत अंतर्गत बावड़िया मुंडा टोला में जंगली हाथियों का एक झुंड गांव में घुस आया और लोगों पर हमला कर दिया। इस हमले में एक ही परिवार के चार सदस्यों सनातन मेराल, उनकी पत्नी जोंकों कुई, उनके दो छोटे बच्चे सहित उसी गांव के मोगदा लागुरी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं लांपाईसाई गांव में भी हाथी के हमले में एक अन्य ग्रामीण की जान चली गई, जिसकी पहचान अभी नहीं हो पाई है।
लगातार हो रही इन घटनाओं से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीण भय व दहशत के साये में जीवन जीने को मजबूर हैं।---------------------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक