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गोलाघाट (असम), 7 जनवरी (हि.स.)। असम के सीमा सुरक्षा एवं विकास मंत्री अतुल बोरा ने बांग्लादेश में बिगड़ती राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि पड़ोसी देश में हालात “बेहद खराब” हो चुके हैं, खासकर हिंदू समुदाय पर लगातार हो रहे हमलों के मद्देनजर।
गोलाघाट में बुधवार काे पत्रकारों से बातचीत में अतुल बोरा ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या और उत्पीड़न की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए।
असम गण परिषद (एजीपी) के अध्यक्ष बोरा ने बताया कि भारत–बांग्लादेश सीमा पर पहले की तुलना में अब हालात बेहतर हुए हैं और घुसपैठ के मामलों में कमी आई है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) तथा असम पुलिस लगातार कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं।
मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि बांग्लादेश में मौजूदा हालात असम के स्थानीय और स्वदेशी लोगों के लिए खतरा बन सकते हैं और इससे भारत की क्षेत्रीय अखंडता पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर सख्त कदम उठाने की अपील की। साथ ही, उन्होंने “जिहादी तत्वों” की मौजूदगी को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि असम पुलिस स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है।
उल्लेखनीय है कि, बांग्लादेश में 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव से पहले सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं में तेजी आई है। बांग्लादेश हिंदू, बौद्ध, ईसाई यूनिटी काउंसिल के अनुसार, केवल दिसंबर महीने में ही सांप्रदायिक हिंसा की कम से कम 51 घटनाएं सामने आईं। इनमें 10 हत्याएं, चोरी और डकैती के मामले, घरों, दुकानों, मंदिरों और जमीनों पर अवैध कब्जा, लूटपाट और आगजनी की घटनाएं शामिल हैं।
काउंसिल ने बताया कि जनवरी के पहले सप्ताह में भी हिंसा जारी रही। 2 जनवरी को लक्ष्मीपुर के रामगति इलाके में सत्य रंजन दास की धान की जमीन में आग लगा दी गई। 3 जनवरी को शरियतपुर में व्यवसायी खोकन चंद्र दास की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। उसी दिन चटग्राम में एक हिंदू परिवार को लूट के दौरान बंधक बनाए जाने और कुमिल्ला में एक अन्य हिंदू परिवार के घर से सोना, चांदी और नकदी लूटने की खबरें सामने आईं।
झिनैदह जिले में 4 जनवरी को एक स्वर्ण व्यवसायी से लूटपाट की गई, जबकि कालिगंज क्षेत्र में एक 40 वर्षीय हिंदू विधवा के साथ कथित रूप से दुष्कर्म और अत्याचार की घटना सामने आई। इसके अलावा दिनाजपुर में एक हिंदू परिवार से जबरन वसूली की कोशिश के आरोप में स्थानीय राजनीतिक नेता और उसके सहयोगी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। 5 जनवरी को जशोर और नरसिंदी जिलों में दो और हत्याओं की घटनाएं दर्ज की गईं।
बांग्लादेश हिंदू, बौद्ध, ईसाई यूनिटी काउंसिल ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि चुनाव से पहले अल्पसंख्यक समुदाय भय और अनिश्चितता के माहौल में जी रहे हैं। संगठन का आरोप है कि सांप्रदायिक तत्व अल्पसंख्यकों को स्वतंत्र रूप से मतदान करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
काउंसिल ने बांग्लादेश सरकार और चुनाव आयोग से हिंसा पर तत्काल लगाम लगाने और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश