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बरेली, 07 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से मिलावटी व अधोमानक खाद्य पदार्थों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न दुकानों व प्रतिष्ठानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने जांच में अधोमानक पाए जाने पर अपर जिलाधिकारी (नगर) सौरभ दुबे के आदेश से चार मामलों में कुल 4 लाख 60 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी पी.के. राय ने चार अप्रैल 2025 को मैसर्स आर.एस. किराना स्टोर का निरीक्षण किया था। इस दौरान किशमिश (किंग ब्रांड अंकल) का नमूना लिया गया, जो जांच में अधोमानक पाया गया। इस प्रकरण में निर्माता गोल्डन वैली ओवरसीज, डी-122 बुलंदशहर रोड इंडस्ट्रियल एरिया, गाजियाबाद पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
इसी प्रकार खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार ने 29 नवंबर 2024 को मैसर्स राधे-राधे किराना स्टोर से धनिया पाउडर, किशमिश (निर्माता के मूल पैक में) का नमूना लिया गया था। नमूना अधोमानक पाए जाने पर निर्माता पतंजलि फूड्स प्रा. लि. (पूर्व में रुचि सोया इंडस्ट्रीज लि.), हरिद्वार, उत्तराखंड पर एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने 26 अक्टूबर 2024 को मैसर्स अब्दुल हमीद इंटरप्राइजेज के निरीक्षण के दौरान मल्टी सोर्स एडिबल ऑयल (बालक ब्रांड) का नमूना लिया था। जांच में इसे भी अधोमानक पाया गया, जिस पर निर्माता मैसर्स श्री दुर्गा ऑयल मिल, एफसीआई रोड, किच्छा, उत्तराखंड पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह खाद्य सुरक्षा अधिकारी राघवेंद्र प्रताप वर्मा ने 3 जनवरी 2025 को द बियर कैफे का निरीक्षण कर पनीर का नमूना लिया था। नमूना अधोमानक मिलने पर निर्माता मैसर्स मंगलम फूड एवं बेवरेजेज (द बियर कैफे), पीलीभीत बाईपास रोड, बरेली पर एक लाख 60 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
अपर जिलाधिकारी (नगर) सौरभ दुबे ने बुधवार काे बताया कि जनता के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। जो भी निर्माता, विक्रेता या प्रतिष्ठान नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / देश दीपक गंगवार