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भुवनेश्वर, 07 जनवरी (हि.स.)। ओडिशा सरकार द्वारा ओडिशा आवश्यक सेवाएं (रखरखाव) अधिनियम, 1988 (ईएसएमए) लागू किए जाने के बावजूद राज्यभर के डॉक्टरों ने बुधवार को दो घंटे तक बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) सेवाएं निलंबित रखीं।
जनहित में ईएसएमए लागू किए जाने के बाद भी ओडिशा मेडिकल सर्विसेज़ एसोसिएशन (ओएमएसए) ने अपने आंदोलन को जारी रखते हुए सुबह 9 बजे से 11 बजे तक राज्यव्यापी ओपीडी बहिष्कार किया। यह विरोध प्रदर्शन सरकारी डॉक्टरों की 10 सूत्रीय मांगों के क्रियान्वयन की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का हिस्सा है।
ओपीडी सेवाओं के निलंबन से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को, जो नियमित इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने मंगलवार को ईएसएमए लागू किया था, जिसके तहत आवश्यक चिकित्सा सेवाओं में बाधा डालना अवैध है। इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित करने वाली किसी भी हड़ताल या आंदोलन की अनुमति नहीं है। हालांकि, आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं, लेकिन नियमित ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं।
ओएमएसए ने स्पष्ट किया है कि सरकार की कार्रवाई के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक विरोध प्रदर्शन वापस नहीं लिया जाएगा। ओपीडी बहिष्कार को लेकर नियमित स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़े प्रतिकूल प्रभाव के कारण आलोचना भी सामने आई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो