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कोलकाता, 07 जनवरी (हि.स.)। मालदा में बुधवार तड़के एक महिला बीएलओ की मौत हो गई। मृतका का नाम संपृता चौधुरी सान्याल बताया गया है। परिवार का आरोप है कि एसआईआर के काम का अत्यधिक दबाव ही उनकी मौत का कारण बना। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय पार्षद मृतका के घर पहुंचे। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
मृतका की पहचान इंग्लिशबाजार नगरपालिका के फूलबाड़ी पाकुड़तला इलाके की निवासी संपृता चौधुरी सान्याल के रूप में हुई है। वह पेशे से आईसीडीएस कर्मी थीं और इंग्लिशबाजार नगरपालिका के 15 नंबर वार्ड के 163 नंबर बूथ की बीएलओ के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
मृतका के पति ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से संपृता की तबीयत खराब थी। डॉक्टर को दिखाया गया था और आराम करने की सलाह भी दी गई थी। इसके बावजूद एसआईआर के काम का दबाव लगातार बना रहा। कड़ी ठंड और लगातार काम के चलते उनकी हालत और बिगड़ती चली गई। बुधवार सुबह अचानक उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही 15 नंबर वार्ड की तृणमूल कांग्रेस पार्षद गायत्री घोष मृतका के घर पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की ओर से दिए जा रहे अतिरिक्त काम के दबाव के कारण बीएलओ लगातार बीमार हो रहे हैं और इसका नतीजा अब जानलेवा साबित हो रहा है।
हालांकि, इस आरोप को भारतीय जनता पार्टी ने सिरे से खारिज किया है। दक्षिण मालदा संगठनात्मक जिले के अध्यक्ष अजय गंगोपाध्याय ने कहा कि किसी भी कर्मचारी की मौत दुखद है, लेकिन हर मौत के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं है। उनका दावा है कि तृणमूल के जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेतृत्व भी बीएलओ पर काम का दबाव बनाते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर