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अब तक 140 प्रकरण दर्ज, सात हजार 558.9 क्विंटल से अधिक धान एवं दो वाहन जब्त
धमतरी, 07 जनवरी (हि.स.)। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन को लेकर धमतरी जिला प्रशासन द्वारा व्यापक एवं प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिले में कुल 74 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति एवं आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के अंतर्गत संचालित 100 धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 1,29,344 किसानों का पंजीयन किया गया है। पंजीकृत किसानों में 73,949 सीमांत, 52,951 लघु एवं 2,444 दीर्घ कृषक शामिल हैं। कुल पंजीकृत रकबा 1,27,212.86 हेक्टेयर है।
15 नवंबर 2025 से 06 जनवरी 2026 तक कुल 84,564 किसानों से 4,14,967.80 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करते हुए अब तक 78,868 किसानों को कुल 910.79 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष किसानों को भी निरंतर भुगतान किया जा रहा है।
समर्थन मूल्य पर धान खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने एवं कोचियों और बिचौलियों द्वारा अवैध भंडारण एवं परिवहन की रोकथाम हेतु कलेक्टर अविनाश मिश्रा के निर्देशानुसार जिला एवं तहसील स्तर पर उड़नदस्ता दलों का गठन किया गया है। इन दलों में राजस्व, कृषि, खाद्य, सहकारिता एवं कृषि उपज मंडी विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जो लगातार निगरानी कर रहे हैं।
अंतरराज्यीय अवैध धान परिवहन पर रोक लगाने के लिए ओडिशा सीमा क्षेत्र में बोराई (घुटकेल), बांसपानी, बनरौद एवं सांकरा में चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। यहां नगर सैनिक, वन विभाग, मंडी एवं राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की 24 घंटे तैनाती की गई है।
अब तक उड़नदस्ता दलों द्वारा अवैध धान भंडारण के 140 प्रकरण दर्ज कर मंडी अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई की गई है, जिसमें 7,558.9 क्विंटल धान एवं 02 वाहन जब्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त जिले में संचालित राइस मिलों के निरीक्षण के दौरान छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के उल्लंघन पर 22,856.8 क्विंटल धान जब्त कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
आज 07 जनवरी 2026 को कलेक्टर के निर्देशानुसार जिला स्तरीय टीम द्वारा धान उपार्जन केन्द्र मोहंदी एवं सिंगपुर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान किसान आशीष सिंह द्वारा अवैध रूप से 40 क्विंटल धान विक्रय करने का प्रयास पाए जाने पर धान जब्त किया गया। टीम द्वारा किसानों से रकबा समर्पण संबंधी नियमों का पालन करने की अपील भी की गई।
जिला प्रशासन द्वारा जिला एवं खंड स्तरीय उड़नदस्ता दलों के माध्यम से अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर सतत निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि पात्र किसानों को ही समर्थन मूल्य का लाभ मिले तथा धान उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान हितैषी बनी रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा