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देहरादून, 07 जनवरी (हि.स.)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा सरकार निष्पक्ष जांच कराने से बच रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारी इस मामले में सवालों का सामना करने से असहज नजर आते हैं और शुरुआत से ही वीआईपी थाे बचाने के लिए सबूत नष्ट करने की कोशिश की गई।
कांग्रेस नेता गाेदियाल बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकाराें से वार्ता कर रहे थे। गणेश गोदियाल ने पत्रकाराें काे बताया कि अंकिता की हत्या से दो दिन पहले रिसॉर्ट मालिक ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया और अंकिता के पिता पर दबाव डालकर इसे “भाग गई” का मामला बनाने की कोशिश की, लेकिन उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया गया। गाेदियाल ने एसआईटी की जांच पर भी सवाल उठाए और पूछा कि बुल्डोजर द्वारा वनन्तरा रिसॉर्ट और अंकिता के कमरे को ध्वस्त करने के आदेश की जांच कब होगी। भाजपा विधायक रेणु बिष्ट और अन्य वीआईपी की कथित भूमिका की जांच पर भी जवाब नहीं मिला। गोदियाल ने कहा कि सरकार सीबीआई जांच को रोककर मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेशवासियों का आभार जताया जिन्होंने अंकिता भंडारी के परिवार के साथ एकजुटता दिखाई। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त जज या सिटिंग जज की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच कराने की मांग दोहराई।
पत्रकार वार्ता के दाैरान पूर्व विधायक मनोज रावत, उत्तराखंड कांग्रेस के मीडिया सेल के चेयरमैन राजीव महर्षि, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह, प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह और महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविन्दर सिंह गोगी भी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार