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-379 ओजा प्रशिक्षकों ने लिया हिस्सा-23 जिलों के नृत्य कलाकारों को देंगे प्रशिक्षण
गुवाहाटी, 06 जनवरी (हि.स.)। असम की एक प्राचीन जनजाति बोड़ो की लोकनृत्य बागरुम्बा नृत्य को पूरे विश्व में उजागर करने के लिए असम सरकार ने आगामी 17 जनवरी को सरूसजाई के भोगेश्वर बरुवा खेल परियोजना में सामूहिक प्रदर्शन का आयोजन करने जा रहे हैं।
लगभग 8 हजार कलाकारों द्वारा प्रस्तुति देने वाले बागरुम्बा दौह शीर्षक नृत्य समारोह की तैयारियां पहले ही शुरू हो गई हैं। स्थानीय शिल्पग्राम में इसके लिए 4 जनवरी से आए ओजा प्रशिक्षकों को एक संगीत ट्रैक की मदद से प्रदान की गई प्रशिक्षण आज समाप्त हो हो गया।
आज अंतिम दिन राज्य के सांस्कृतिक मंत्री विमल बोरा विशेषज्ञ समिति के सदस्यों के साथ पिछले दिनों ओजा प्रशिक्षकों को प्रदान किए गए प्रशिक्षण की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि इसमें प्रशिक्षण प्राप्त 379 ओजा प्रशिक्षक राज्य के 23 जिलों में जाकर मुख्य समारोह में भाग लेने वाले नृत्य कलाकारों को 8, 9 और 10 जनवरी को प्रशिक्षण देंगे।
सांस्कृतिक मंत्री बोरा ने कहा कि इस पूरे कार्यक्रम की सफलता उन पर निर्भर है और ओजा प्रशिक्षकों को अपने-अपने जिलों में जाकर नृत्य कलाकारों को प्रशिक्षण देने का आह्वान किया। मंत्री बोरा ने सभी को बिहु, झुमईर बिनंदिनी जैसे ही बागरुम्बा दहौ कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए आमंत्रित किया।
रूपकोंवर ज्योतिप्रसाद अग्रवाला की पुण्यतिथि के अवसर पर अर्थात् आगामी 17 जनवरी को शिल्पी दिवस के तहत विभिन्न जिलों से आए बोड़ो जनजातीय कलाकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में श्रृंगारित रूप से बोड़ो जनजातीय लोकनृत्य बागरुम्बा का प्रदर्शन करेंगे।
17 जनवरी को आयोजित होने वाले इस समूह बागरुम्बा नृत्य के प्रदर्शन को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए आज सांस्कृतिक मंत्री ने प्रशिक्षकों, विशेषज्ञों और सांस्कृतिक विभाग के अधिकारियों को आमंत्रित किया।
इस मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए बागरुम्बा नृत्य प्रदर्शन के संबंध में सांस्कृतिक मंत्री बिमल बोरा ने बताया कि इस नृत्य को अंतिम रूप से प्रदर्शन से पहले एक वीडियो ट्रैक की सहायता से प्रशिक्षक राज्य के 23 जिलों में जाकर 8, 9 और 10 जनवरी को मुख्य कार्यक्रम में भाग लेने वाले कलाकारों को प्रशिक्षण देंगे।
इस प्रशिक्षण प्रदान करने के बाद कलाकारों को सरूसजाई स्टेडियम में अंतिम चरण में नृत्य प्रदर्शन के लिए राज्य के विभिन्न स्थानों से 11 जनवरी को गुवाहाटी लाया जाएगा ।
सरूसजाई स्टेडियम में 12, 13, 14 और 15 जनवरी को कलाकार अभ्यास में भाग लेंगे। 16 जनवरी को अंतिम अभ्यास आयोजित किया जाएगा। खाम, चीफुंग, चेरजा आदि पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ताल पर बोड़ो युवा-युवती कलाकार 17 जनवरी की शाम प्रधानमंत्री की उपस्थिति में इतिहास रचने वाला समूहीय बागरुम्बा नृत्य प्रदर्शन करेंगे।
पंजाबारी के शिल्पग्राम में संस्कृति मंत्री की आज की समीक्षा के समय, सांस्कृतिक परिक्रम विभाग के अंतर्गत राज्य सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. बी कल्याण चक्रवर्ती, संस्कृति मंत्री के विशेष कार्यकर्ता एवं संयुक्त सचिव राजीव थापा, सांस्कृतिक निदेशालय के निदेशक राहुल चंद्र दास सहित सांस्कृतिक विभाग के कई अधिकारी उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय