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कोलकाता, 05 जनवरी (हि. स.)। वंदे मातरम् गीत के सार्ध शताब्दी अवसर पर सोमवार को जोड़ासांको ठाकुरबाड़ी में रवींद्र भारती विश्वविद्यालय की ओर से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस आचार्य के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत अखंड ज्योति प्रज्वलन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुई।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय राष्ट्रवाद की आत्मा है। यह देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक रहा है और स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि देश और वंदे मातरम् के प्रति भारतीयों का प्रेम समान रूप से गहरा है, इसी कारण वह इसके जन्मस्थल पर उपस्थित हुए हैं। उन्होंने जोड़ासांको ठाकुरबाड़ी को बंकिमचंद्र चटर्जी और रवींद्रनाथ ठाकुर के विचारों का संगम स्थल बताया।
राज्यपाल ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने राष्ट्रपति के समक्ष “विकसित भारत” के लक्ष्य के अनुरूप “विकसित बंगाल” का रोडमैप प्रस्तुत किया है।
एसआईआर सुनवाई में एआई के उपयोग पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यपाल ने कहा कि किसी भी निर्वाचित मुख्यमंत्री को लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी राय रखने का अधिकार है। साथ ही उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय