श्रीनगर में वीपीएन सेवाएं दो महीने के लिए निलंबित
श्रीनगर, 5 जनवरी (हि.स.)। श्रीनगर के जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्रीनगर जिले के अधिकार क्षेत्र में सभी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) सेवाओं को दो महीने के लिए तत्काल निलंबित कर
श्रीनगर में वीपीएन सेवाएं दो महीने के लिए निलंबित


श्रीनगर, 5 जनवरी (हि.स.)। श्रीनगर के जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्रीनगर जिले के अधिकार क्षेत्र में सभी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) सेवाओं को दो महीने के लिए तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया है।

आदेश में कहा गया है कि श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निहित स्वार्थों द्वारा वीपीएन सेवाओं के दुरुपयोग की आशंका जताई थी जिससे जिले में सार्वजनिक व्यवस्था और साइबर सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। आदेश के अनुसार वीपीएन सेवाएं एन्क्रिप्टेड डेटा प्रसारित करके और पॉइंट-टू-पॉइंट टनल बनाकर उपयोगकर्ताओं को आईपी पते छिपाने और वेबसाइट प्रतिबंधों और फायरवॉल को बायपास करने में सक्षम बनाती हैं।

प्रशासन ने पाया कि इन सुविधाओं का दुरुपयोग गैरकानूनी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है जिनमें अशांति फैलाना, भड़काऊ सामग्री का प्रसार करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हानिकारक गतिविधियों का समन्वय करना शामिल है। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि वीपीएन का अनियंत्रित उपयोग सार्वजनिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और संवेदनशील डेटा की सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है जिससे व्यापक जनहित में तत्काल निवारक उपाय करना अनिवार्य हो जाता है।

हालांकि आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय सूचना केंद्र के माध्यम से संचालित सरकारी विभागों द्वारा अधिकृत वीपीएन उपयोग पर यह निलंबन लागू नहीं होगा। चूंकि सभी संबंधित व्यक्तियों को व्यक्तिगत नोटिस देना अव्यावहारिक समझा गया इसलिए यह आदेश एकतरफा जारी किया गया है।

प्रशासन ने निर्देश दिया है कि आदेश का व्यापक प्रचार जिला वेबसाइट, प्रमुख समाचार पत्रों के माध्यम से किया जाए और इसकी प्रतियां जिला मजिस्ट्रेट, श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, श्रीनगर पूर्व और पश्चिम के उप-मंडल मजिस्ट्रेटों और सभी तहसीलदारों के कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएं। श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि वे आदेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें।

हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह