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जौनपुर, 05 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद जौनपुर स्थित शीतला चौकिया धाम में सरोवर को शुद्ध रखने के लिए लगाया गया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) लंबे समय से बंद पड़ा है। हालात ऐसे दिख रहे हैं कि जिला प्रशासन इस प्लांट को दोबारा चालू कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।
यह डब्ल्यूटीपी वर्ष 2019 में सुंदरीकरण योजना के तहत स्वीकृत धन से स्थापित किया गया था। शुरुआत में कुछ दिनों तक चलने के बाद यह प्लांट बंद हो गया। वर्तमान में प्लांट खुद ही दुर्दशा का शिकार है और पानी शुद्ध करने के लिए बने चैंबर गंदगी से भरे हुए हैं।इतना ही नहीं याेगी सरकार के मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने शीतला चौकिया के निरीक्षण के दौरान सरोवर में गंदा पानी जाने से रोकने और उसकी सुंदरता बढ़ाने के लिए कछुए व मछलियां छोड़ने की बात कही थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। परिणामस्वरूप, सरोवर के गंदे पानी और अन्य कारणों से कई बार में क्विंटल भर मछलियां मर गईं। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने भी सरोवर के पास पौधरोपण किया था, लेकिन उनकी नजर भी विकास कार्यों की इस दुर्दशा पर नहीं पड़ी।
यह डब्ल्यूटीपी सात चैंबरों से मिलकर बना है। इसमें स्टार्टर पैनल से मोटर द्वारा सरोवर का गंदा पानी पहले चैंबर में खींचा जाता है। यहां से फिल्टर और अवसादन प्रक्रिया से गुजरते हुए पानी धीरे-धीरे सभी चैंबरों से होकर शुद्ध रूप में वापस सरोवर में गिरता है। इस संबंध में नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी पवन कुमार ने सोमवार को बताया कि प्लांट दशहरे के आसपास चालू कराया गया था। उन्होंने कहा कि समस्या की जांच कराई जाएगी और कमी दूर कर इसे पुनः चालू किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव