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जोधपुर, 05 जनवरी (हि.स.)। राज्य वृक्ष खेजड़ी, अन्य देशी वृक्षों एवं वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर बिश्नोई समाज एवं पर्यावरण प्रेमियों ने आज जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
पर्यावरण प्रेमी रामनिवास बुध नगर ने बताया कि दो फरवरी से प्रस्तावित महापड़ाव से पूर्व सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन के रूप और स्वरूप को आक्रामक लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से तय किया गया है। महापंचायत के निर्णयानुसार पूरे राजस्थान में जिला मुख्यालय, उपखंड मुख्यालय एवं तहसील मुख्यालयों पर बिश्नोई समाज व पर्यावरण प्रेमी द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप जा रहे हैं। इसके माध्यम से सरकार को साफ संदेश दिया जा रहा है कि यदि अब भी खेजड़ी व वन्यजीव संरक्षण हेतु पृथक और कठोर कानून नहीं बनाया गया, तो आंदोलन को और व्यापक व तेज़ किया जाएगा। बिश्नोई समाज एवं पर्यावरण प्रेमियों ने आरोप लगाया कि सरकारी संरक्षण में खेजड़ी, रोहिड़ा, जाल, कुमठा जैसे वृक्षों की अंधाधुंध कटाई हो रही है और औरण व गोचर भूमि लगातार नष्ट की जा रही है। मौजूदा कानून मज़ाक बनकर रह गए हैं, जिससे पर्यावरण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। बिश्नोई समाज ने स्पष्ट शब्दों में चेताया कि यह संघर्ष केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहेगा। दो फरवरी से शुरू होने वाला महापड़ाव अनिश्चितकालीन होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी जनआंदोलन का रूप लेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश