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जम्मू, 05 जनवरी (हि.स.)।
जम्मू और कश्मीर की अंडर-14 क्रिकेट टीम के हालिया चयन ने एक बार फिर जम्मू क्षेत्र के साथ हो रहे गहरे और व्यवस्थित भेदभाव को उजागर कर दिया है। कश्मीर से 13 और जम्मू से केवल 3 खिलाड़ियों का चयन कोई संयोग नहीं है यह एक स्पष्ट, जानबूझकर और राजनीतिक रूप से प्रेरित कृत्य है जो योग्यता के बजाय क्षेत्रीय पूर्वाग्रह को दर्शाता है।
यह शर्मनाक असंतुलन साबित करता है कि जम्मू के युवा क्रिकेटरों की प्रतिभा, प्रदर्शन और कड़ी मेहनत को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है जबकि वर्तमान शासन में क्षेत्रवाद और सत्ता संरक्षण चयन के वास्तविक मापदंड बन गए हैं। उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार इस अन्याय के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है। तथाकथित खेल मंत्री सतीश शर्मा जम्मू के युवाओं के हितों की रक्षा करने के अपने संवैधानिक और नैतिक कर्तव्य में पूरी तरह विफल रहे हैं।
खेल और निष्पक्षता के संरक्षक के रूप में कार्य करने के बजाय उनका कार्यकाल खेल योग्यता के विनाश चयन प्रक्रियाओं के राजनीतिकरण और जम्मू की युवा प्रतिभाओं की आकांक्षाओं को कुचलने का पर्याय बन गया है। यह बिल्कुल स्पष्ट कर देना चाहिए यह केवल खेल से संबंधित मुद्दा नहीं है। यह जम्मू की पहचान, आत्मसम्मान और भविष्य पर सीधा हमला है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता