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-छत्तीसगढ़ प्रांत स्तरीय शिक्षक सम्मेलन
रायगढ़ , 05 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ द्वारा अपने चार पुरुषार्थ राष्ट्रहित, शिक्षाहित, शिक्षार्थी हित एवं शिक्षक हित की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आयोजित दो दिवसीय प्रांत स्तरीय शिक्षक सम्मेलन एवं शैक्षिक संगोष्ठी के भव्य कार्यक्रम का समापन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
नगर निगम रायगढ़ के ऑडिटोरियम में आयोजित सम्मेलन में राष्ट्र हित, शिक्षा हित, शिक्षार्थी हित एवं शिक्षक हित जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
समापन कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य शिक्षा से ही बदलता है और शिक्षा की गुणवत्ता का सीधा संबंध शिक्षक की सोच, संस्कार और नवाचार से होता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक भारत की सबसे बड़ी ताकत यह है कि एक सामान्य परिवार का बच्चा भी शिक्षा के बल पर सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकता है।
उन्होंने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विषय पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र का निर्माता होता है। शिक्षक के भीतर पालक भाव और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, संस्कार और राष्ट्र के प्रति समर्पण विकसित करती है। वित्त मंत्री ने रायगढ़ में शिक्षक सदन की मांग पर विधायक निधि से 20 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा भी की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षक संघ द्वारा उठाए गए विषयों को सरकार के समक्ष सकारात्मक रूप से रखा जाएगा।
महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को शिक्षित ही नहीं करते, बल्कि उन्हें जीवन के उतार-चढ़ाव से लड़ने योग्य बनाते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों, गुणवत्ता और नवाचार पर केंद्रित यह सम्मेलन वास्तव में प्रशंसनीय है। नगर निगम रायगढ़ के महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने कहा कि शिक्षक समाज के ज्ञान स्तंभ हैं। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन पर शिक्षक संघ को बधाई देते हुए सभी अतिथियों एवं गुरुजनों का अभिनंदन किया। सम्मेलन का आयोजन 3 एवं 4 जनवरी को किया गया था। इस सम्मेलन में प्रदेश के सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम सहित 33 जिलों के शिक्षक प्रतिनिधि शामिल हुए।
इस दौरान राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका विषय पर वक्ता के रूप में नारायण नामदेव, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विषय पर वक्ता के रूप में आलोक शर्मा एवं बौद्धिक विषय समाज और राष्ट्र निर्माण में पंच परिवर्तन विषय पर वक्ता के रूप में गोपाल यादव ने अपने विचार प्रस्तुत किए। सम्मेलन के दौरान राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका, नवाचार एवं सामाजिक परिवर्तन, शिक्षकों के उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
शिक्षक संघ रायगढ़ एवं सक्ति द्वारा प्रकाशित वार्षिक कैलेंडर का भी विमोचन किया गया। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिक्षक पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता निभाई। इस अवसर पर नगर निगम सभापति डिग्रीलाल साहू, अरुणधर दिवान, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान