Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

हुगली, 05 जनवरी (हि. स.)। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर एक बार फिर गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। हुगली जिले के आरामबाग इलाके में प्रारंभिक मतदाता सूची जारी होते ही हैरान करने वाली और चिंताजनक घटना उजागर हुई। सालेपुर नंबर दो ग्राम पंचायत के डोंगल इलाके की निवासी प्रभावती भौमिक (82) को सरकारी दस्तावेजों में ‘मृत’ दर्शाया गया है, जबकि वह जीवित हैं और सामान्य जीवन जी रही हैं।
परिवार के सदस्यों ने सोमवार को बताया कि प्रभावती भौमिक वर्षों से नियमित रूप से मतदान करती आ रही हैं। भले ही वह पढ़ना-लिखना नहीं जानती हों, लेकिन अपने मतदान अधिकार को लेकर पूरी तरह जागरूक हैं। वर्ष 2002 सहित कई चुनावों में उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज था। चालू वर्ष में भी परिवार की ओर से एसआईआर फॉर्म सही तरीके से भरकर जमा किया गया था।
हालांकि, प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद परिवार ने देखा कि प्रभावती भौमिक का नाम मृत मतदाताओं की सूची में शामिल कर दिया गया है। इस संबंध में जब परिवार स्थानीय बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के पास पहुंचा, तो उन्हें नया फॉर्म भरने का निर्देश दिया गया। फॉर्म दोबारा जमा करने के बावजूद अब तक किसी तरह का संशोधन या नोटिस नहीं मिला है।
इस घटना से परिवार में गहरी चिंता और असमंजस की स्थिति है। परिवार के अन्य सभी सदस्यों के नाम मतदाता सूची में मौजूद हैं, लेकिन केवल प्रभावती भौमिक का नाम हटाए जाने से सवाल उठ रहा है कि कोई जीवित व्यक्ति सरकारी रिकॉर्ड में मृत कैसे घोषित हो सकता है।
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद तृणमूल कांग्रेस के राज्य सचिव स्वपन नंदी प्रभावती भौमिक के घर पहुंचे और परिवार को समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में जल्दबाजी में एसआईआर प्रक्रिया चलाने के कारण इस तरह की गंभीर गलतियां हो रही हैं, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय