सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम का दूसरा चरण शुरू, कई शहरी योजनाओं का आगाज
शिमला, 05 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला में ‘स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर’ अभियान के तहत सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे
मुख्यमंत्री योजनाओं का शुभारंभ करते हुए


शिमला, 05 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला में ‘स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर’ अभियान के तहत सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और शहरी विकास के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक बदलाव किए जा रहे हैं। बढ़ती आबादी, शहरीकरण और लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार समावेशी और टिकाऊ शहरी विकास की नई दिशा तय कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजना, 15 म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विस सेंटर, 9 नई ऑनलाइन सेवाएं, मुख्यमंत्री शहरी डिजिटल पहचान योजना, स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत पुरस्कार योजना, सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट हमीरपुर व शिमला और शहरी विकास विभाग में हाइड्रोलिक पार्किंग परियोजनाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजना के लाभार्थियों को सेटलमेंट लेटर और अमृत मित्र योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को अवार्ड लेटर भी वितरित किए। बेहतर काम करने वाले शहरी स्थानीय निकायों को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में शहरी विकास विभाग ने चार संस्थाओं और उपक्रमों के साथ विकास कार्यों से जुड़े समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी निकायों की अधिकतर सेवाएं अब एक ही पोर्टल पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने हिम सेवा पोर्टल को देश में नागरिक सेवाओं का एक अनूठा प्रयास बताया।

मुख्यमंत्री ने कई बड़ी शहरी परियोजनाओं की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि शिमला सब्जी मंडी में करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से शॉपिंग कॉम्पलेक्स बनाया जाएगा। हमीरपुर में शहर के सौंदर्यीकरण पर 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और पुराने बस स्टैंड की जगह आधुनिक शॉपिंग कॉम्पलेक्स बनेगा। उन्होंने बताया कि शहरी विकास विभाग के तहत 707 करोड़ रुपये की स्वीकृत योजनाएं जल्द लागू की जाएंगी और शिमला शहर में लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से अतिरिक्त सुविधाएं विकसित की जाएंगी। नगर निगम शिमला की तर्ज पर प्रदेश के अन्य नगर निगम क्षेत्रों में भी यूटिलिटी डक्ट बनाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बद्दी के पास प्रस्तावित विश्वस्तरीय हिम-चंडीगढ़ शहर के लिए जल्द ही कंसलटेंट नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नवंबर 2024 तक प्रदेश में 60 शहरी स्थानीय निकाय थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 75 हो गई है, जिससे प्रशासनिक दक्षता और शहरी विकास को मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की सफलता तभी है जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना के तहत शहरी गरीबों को 120 दिन का सुनिश्चित रोजगार दिया जा रहा है। साथ ही जीआईएस तकनीक को भविष्य के शहरी विकास की मजबूत आधारशिला बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे कर संग्रहण में पारदर्शिता आएगी और संपत्ति सत्यापन आसान होगा। फिलहाल 36 शहरी स्थानीय निकायों में जीआईएस मैपिंग का काम शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने छोटे दुकानदारों के लिए राहत की घोषणा करते हुए कहा कि जिन दुकानदारों पर एक लाख रुपये तक का बैंक ऋण बकाया है और जो एनपीए घोषित हो चुके हैं, उन्हें एक लाख रुपये तक की एकमुश्त भुगतान सुविधा दी जाएगी। जिन पर एक से दो लाख रुपये तक का कर्ज है, उन्हें भी एक लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि नागरिक सेवा मंच के जरिए शहरी सेवाओं को डिजिटल बनाया गया है। पहले चरण में शुरू की गई नौ ऑनलाइन सेवाओं से ढाई लाख से अधिक लोग जुड़े। दूसरे चरण में नौ और सेवाएं शुरू की गई हैं। इसके अलावा 47.37 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत 15 क्लस्टर आधारित एकीकृत नागरिक सेवा केंद्र बनाए जा रहे हैं, जहां प्रमाण पत्र, लाइसेंस, शिकायत निवारण और अन्य सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा