एचपीएसइबीएल में डिजिटल सुधारों से राज्य को 16.83 करोड़ रुपये की बचत : मुख्यमंत्री
शिमला, 06 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार क यहां कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य विद्युत् बोर्ड लिमेटिड (एचपीएसइबीएल) में कई डिजिटल और प्रशासनिक सुधार किए गए हैं जो राज्य सरकार की व्यवस्था परिवर्तन की प्रतिबद्धत
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू


शिमला, 06 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार क यहां कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य विद्युत् बोर्ड लिमेटिड (एचपीएसइबीएल) में कई डिजिटल और प्रशासनिक सुधार किए गए हैं जो राज्य सरकार की व्यवस्था परिवर्तन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रदेश सरकार पारदर्शी ख़रीद प्रक्रिया, तकनीकी आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देकर न केवल उपभोक्ता सेवाओं में सुधार कर रही है बल्कि वित्तीय अनुशासन की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार का उद्देश्य न केवल पुरानी व्यवस्थाओं में सुधार, बल्कि इन्हें और अधिक प्रभावशाली बनाना है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी ख़रीद प्रक्रिया अपनाने और मंहगी आउटसोर्सिंग पर निर्भरता कम करने से एचपीएसइबीएल के बिजली बिलिंग और एंटरप्राइज रिर्सोस प्लानिंग (इआरपी) सहायता सेवाओं पर होने वाला खर्च 46 प्रतिशत तक कम हुआ है। इन सेवाओं पर वार्षिक खर्च 12.29 करोड़ रुपये से घटकर 6.68 करोड़ रुपये रह गया है। इन सुधारों से प्रतिवर्ष लगभग 5.61 करोड़ रुपये की सीधी बचत होगी, जिससे तीन वर्षों में कुल 16.83 करोड़ रुपये का लाभ होगा। इस राशि का उपयोग जन कल्याणकारी कार्यों और आवश्यक सेवाओं को सुदृढ़ करने में किया जाएगा।

इज़ ऑफ लिविंग पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एचपीएसइबीएल का डिजिटलीकरण राज्य के लगभग 29 लाख घरेलू, औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि नए बिजली कनैक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन, स्मार्ट बिलिंग, प्रीपेड सेवाएं, ऑनलाइन बिल भुगतान और डिजिटल शिकायत निवारण जैसी सुविधाओं से प्रक्रियागत देरी कम हुई है और उपभोक्ताओं को पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ता सेवाओं को सशक्त बनाने और कार्य क्षमता को बढ़ाने के लिए एचपीएसइबीएल में एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एग्रीगेट टेक्नीकल और कमर्शियल (एटीएंडसी) हानि को कम करने, स्मार्ट और प्रीपेड मीट्रिंग के माध्यम से समय पर बिलिंग और राजस्व वसूली सुनिश्चित करने, राजस्व घाटा कम करने तथा परिचालन व्यय के युक्तिकरण पर विशेष बल दे रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला