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जोधपुर, 05 जनवरी (हि.स.)। रक्षा मंत्रालय भारत सरकार में नौसेना मुख्यालय के कार्मिक निर्देशन सेवाओं के कंट्रोलर वाइसएडमिरल प्रवीण नायर ने कहा कि वीर नारियां और गौरव सैनिक राष्ट्र की धरोहर है। उनका सम्मान, इनकी देखरेख और इनके कल्याण संबंधी समस्त दायित्वों का निर्वहन सशस्त्र बलों और सरकार समाज का पुनीत कर्तव्य है और हम इस कर्तव्य का पालन निष्ठापूर्वक कर रहे हैं। वे गौरव नौसैनिक कल्याण संस्था जोधपुर द्वारा आयोजित प्रांतीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
सम्मेलन में संस्था के अध्यक्ष कमांडर पोकरराम ज्याणी और महासचिव डॉ बंशीधर बिश्नोई ने भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। दिल्ली मुख्यालय के ही कमांडर दशरथ सिंह, ईसीएचएस प्रभारी कमांडर लक्ष्मण सिंह ने वित्तीय एवं स्वास्थ्य संबंधी प्रावधानों से परिचय करवाया। विभिन्न सत्रों में संचालित सम्मेलन में गौरव नौसैनिकों ने अपने जीवन के मिश्रित अनुभव साझा किये वहीं वीर नारियों ने समाज में उनके सामने आ रही चुनौतियों से अवगत करवाया। अस्सी वर्ष से वरिष्ठ गौरव नौसेनानी और वीर नारियां का सम्मान कर सामाजिक सरोकार का निर्वहन भी किया।
सम्मेलन में राजस्थान के ऐतिहासिक शहरों के नाम पर युद्धपोत का नामकरण किए जाने हेतु भारत सरकार से मांग की गई। पेंशन संबंधी स्पर्श व्यवस्था की तकनीकी बाधाओं, मेडिकल सुविधा के तहत आंखों के लेंस की दरो में वृद्धि, आयु की वरिष्ठता के साथ पेंशन में आनुपातिक वृद्धि, राज्य एवं राष्ट्रीय राजमार्ग पर गौरव सेनानियों के वाहनों की टोल मुक्ति से संबंधित मांग पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन गौरव नौसेनानी पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता जीआर पूनिया ने किया।
गौरव नौसैनिक कल्याण संस्था के वार्षिक चुनाव सम्मेलन के उपरांत संपन्न हुए, जिसमें अध्यक्ष कमांडर पोकर राम ज्याणी, महासचिव डॉ बंशीधर बिश्नोई, कोषाध्यक्ष शंभूदान चारण, जी आर पूनिया, छगा राम सुथार, पूसाराम चौधरी, लेफ्टिनेंट भगवानसिंह, रिडमल सिंह व कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों का सर्वसम्मति से निर्वाचन किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश