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पटना, 05 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन से बिहार के विकास को नई दिशा दी और राज्य की राजनीति पर अमिट छाप छोड़ी। सुशील मोदी का संपूर्ण जीवन ईमानदारी, सादगी और सिद्धांतों की राजनीति का जीवंत उदाहरण रहा। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को ये बातें कही।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में सुशील कुमार मोदी स्मृति एवं शोध संस्थान की ओर से आयोजित सुशील कुमार मोदी की जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सुशील मोदी ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष, सुशासन और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
सम्राट चौधरी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री के रूप में सुशील मोदी ने वित्तीय अनुशासन, सामाजिक न्याय और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए, जो आज भी बिहार की प्रगति की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए ही नहीं, बल्कि विपक्ष में रहते हुए भी सुशील मोदी ने एक सशक्त और प्रभावी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि जब भी सुशील मोदी सदन में आते थे, तब तात्कालीन सरकार इस बात को लेकर सतर्क रहती थी कि वे कौन-सी नई फाइल और मुद्दा सामने लाएंगे। विपक्ष में रहते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार के कई मामलों को उजागर किया।
उपमुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि सुशील मोदी का जीवन युवाओं और राजनीति में प्रवेश करने वाले नए लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी सादगी, स्पष्ट विचार और जनहित को सर्वोपरि रखने वाली सोच आने वाली पीढ़ियों तक मार्गदर्शन करती रहेगी।
उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशील मोदी की जयंती को राजकीय समारोह घोषित करना और उनकी प्रतिमा को राजेंद्र नगर पार्क में स्थापित करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार सुशील मोदी के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है और उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।------------
हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी