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दरभंगा , 04 जनवरी (हि.स.)। जिले में तारडीह प्रखंड के मछैता गाँव स्थित पासवान टोला में भीषण ठंड और शीतलहर के प्रकोप से बचाव का अनोखा दृश्य देखने को मिला। कंपकंपाती ठंड में जहां ग्रामीण पलारी जलाकर शरीर को ऊष्मा देने की कोशिश कर रहे थे, वहीं आमतौर पर हिंसक माने जाने वाला नंदी (सांड) भी उसी पलारी के पास शांत भाव से खड़ा होकर आंच सेंकता नजर आया।
यह दृश्य मानो प्रकृति और जीवन के साझा संघर्ष को दर्शा रहा था, जहां इंसान और पशु दोनों ही ठंड की मार से बचने के लिए एक ही साधन का सहारा लेते दिखे। पलारी के चारों ओर आग सेंक रहे लोगों में अमर पासवान, उदय चंद्र पासवान, सिंहेश्वर पासवान, भरत पासवान, प्रवीण पासवान और भास्कर पासवान शामिल थे।
ग्रामीणों का कहना है कि इस कड़ाके की ठंड में रात और सुबह का समय अत्यंत कठिन हो गया है। ऐसे में अलाव ही एकमात्र सहारा बन गया है। नंदी का इस तरह शांति से आग के पास खड़ा होना लोगों के लिए भी कौतूहल और चर्चा का विषय बना रहा।
शीतलहर के इस दौर में यह दृश्य न सिर्फ ठंड की तीव्रता को बयान करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में इंसान और पशु के बीच का अंतर कैसे मिट जाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra