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बांदा, 04 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में थाना कोतवाली नगर एवं एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम ने नकली भारतीय मुद्रा छापने और उसे बाजार में चलाने वाले एक संगठित अन्तर जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से 1,12,500 मूल्य के जाली नोट और नकली नोट बनाने की सामग्री बरामद की है।
सहायक पुलिस अधीक्षक सुश्री मेविस टॉक ने बताया कि रविवार को सूचना मिली कि दो व्यक्ति कनवारा चौराहे के पास महोबा रोड की ओर से नकली नोट लेकर आ रहे हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया और संदिग्ध अवस्था में खड़े दो व्यक्तियों को पकड़ लिया, जो पुलिस को देखकर भागने की कोशिश कर रहे थे।
तलाशी में उनके पास से 500 के 225 नकली नोट बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत 1,12,500 है। सभी नोटों पर एक ही सीरियल नंबर पाया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि नोट सुनियोजित तरीके से तैयार किए गए थे। साथ ही, नकली नोट बनाने में प्रयुक्त उपकरण जैसे प्रिंटर, इमल्शन, बेनासाई, पीवीसी डिब्बे, इंक, पारदर्शी शीशा, कटर, टेप, ब्रश आदि भी जब्त किए गए।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान महोबा निवासी राजाराम और राहुल सिंह के रूप में हुई है। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि, वे असली 500 के नकली नोट तैयार करके और उन्हें बाजार में चलाने की योजना बना रहे थे।
सहायक पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एक युवक को पेट्रोल पंप में 500 का जाली नोट चलाते हुए पकड़ लिया गया। उससे पूछताछ की गई तो गिरोह के दो सदस्य पकड़ में आए जबकि अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि जनपद में कानून-व्यवस्था और शांति बनी रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह