देशभर की पुलिस को चकमा देने वाला ‘रहमान डकैत’ सूरत से गिरफ्तार
- 14 राज्यों में अपराध का नेटवर्क, 20 साल से फैला खौफ, घोड़े से लेकर लग्जरी कारों का शौकीन निकला गैंग सरगना सूरत, 10 जनवरी (हि.स.)। देशभर की पुलिस के लिए पिछले दो दशकों से सिरदर्द बना भोपाल का कुख्यात अपराधी राजू ईरानी उर्फ आबिद अली ( रहमान डकैत)
कुख्यात अपराधी राजू ईरानी (रहमान डकैत)सूरत से गिरफ्तार


कुख्यात अपराधी राजू ईरानी सूरत से गिरफ्तार


- 14 राज्यों में अपराध का नेटवर्क, 20 साल से फैला खौफ, घोड़े से लेकर लग्जरी कारों का शौकीन निकला गैंग सरगना

सूरत, 10 जनवरी (हि.स.)। देशभर की पुलिस के लिए पिछले दो दशकों से सिरदर्द बना भोपाल का कुख्यात अपराधी राजू ईरानी उर्फ आबिद अली ( रहमान डकैत) आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। सूरत क्राइम ब्रांच ने एक गोपनीय और सटीक ऑपरेशन के तहत उसे लालगेट इलाके से बिना किसी मुठभेड़ के दबोच लिया। राजू ईरानी भोपाल स्थित कुख्यात ‘ईरानी डेरा’ का सरगना है और देशभर में संगठित अपराध का बड़ा नेटवर्क चलाता था।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, राजू ईरानी और उसका गिरोह देश के 14 राज्यों में सक्रिय था। वह खुद छह अलग-अलग आपराधिक गैंग का संचालन करता था। आरोपित पिछले 20 वर्षों से लगातार लूट, ठगी, संगठित अपराध, हिंसक हमलों जैसे गंभीर मामलों में शामिल रहा है। कई बार वह नकली सीबीआई अधिकारी, पुलिस अफसर या साधु-बाबा का वेश धारण कर लोगों को ठगता था। महाराष्ट्र में उसके खिलाफ मकोका जैसे सख्त कानून के तहत भी केस दर्ज है।

जांच में सामने आया है कि राजू ईरानी और उसका भाई जाकिर अली अपराध से कमाए गए पैसों से बेहद आलीशान जिंदगी जीते थे। उनके पास लग्जरी कारें, महंगी स्पोर्ट्स बाइक्स और यहां तक कि अरबी नस्ल के घोड़े भी थे। इलाके में दोनों का इतना खौफ था कि लोग उन्हें किसी डॉन से कम नहीं मानते थे।

पुलिस को चकमा देने का पुराना तरीका

जब भी पुलिस उनके ठिकानों पर छापा मारती, गैंग की रणनीति बेहद शातिर होती थी। घर की महिलाओं और बच्चों को आगे कर दिया जाता, जबकि मुख्य आरोपी पीछे के रास्तों से फरार हो जाते थे। दिसंबर में भोपाल पुलिस ने करीब 150 जवानों के साथ ईरानी डेरे में छापा मारा था, लेकिन तब भी राजू इस चाल से बच निकलने में कामयाब रहा था।

मुखबिरों पर भी किया है हमला

पुलिस के मुताबिक, राजू ईरानी का इतना खौफ था कि कोई भी उसकी जानकारी देने की हिम्मत नहीं करता था। जो भी मुखबिरी करता, उसे गंभीर अंजाम भुगतने पड़ते थे। एक मामले में आरोपी ने मुखबिर और उसके परिवार को घर में बंद कर जिंदा जलाने की कोशिश भी की थी। इसी केस में वह लंबे समय से फरार चल रहा था।

नकली अफसर बनकर करता था ठगी

गैंग के सदस्य अक्सर सफारी सूट पहनकर खुद को सीबीआई या वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताते थे। वे बुजुर्गों और अकेले राहगीरों को रोककर सुरक्षा जांच के नाम पर गहने उतरवाते और फिर फरार हो जाते थे। कई मामलों में आरोपी साधु-बाबा का वेश धारण कर लोगों की आस्था को भी निशाना बनाता था।

इस पूरे मामले पर क्राइम ब्रांच के डीसीपी भावेश रोजिया ने बताया कि क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि मध्यप्रदेश के भोपाल का रहने वाला आबिद अली उर्फ राजू ईरानी, जो ‘ईरानी डेरा’ नामक कुख्यात गैंग का मुख्य सरगना है, वह सूरत आया हुआ है। इसी पुख्ता सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया।

डीसीपी रोजिया ने बताया कि आरोपित की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। राजू ईरानी भोपाल में ‘रहमान डकैत’ के नाम से भी कुख्यात है। आरोपित पिछले 13 से 14 वर्षों से भोपाल की अमन नगर सोसायटी में रह रहा था।

उन्होंने बताया कि राजू ईरानी अलग-अलग छह गैंगों का सरगना और लीडर है। वह और उसका भाई जाकिर अली बेहद शाही और लग्जरी जिंदगी जीते हैं। दोनों आर्थिक रूप से काफी मजबूत हैं और महंगी लग्जरी कारों व बाइकों के शौकीन हैं।

रिकॉर्ड के अनुसार, राजू ईरानी हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत देश के 14 राज्यों में लूट और ठगी के मामलों में वांछित था। दिल्ली क्राइम ब्रांच में भी वह 2022 से एक बड़े ठगी केस में फरार चल रहा था।

सूरत क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे