सरकार भारत को खेल सामग्री निर्माण केंद्र बनाने के लिए उत्सुक: मांडविया
नई दिल्ली, 30 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने शनिवार को यहां कहा कि भारत इस वर्ष के अंत तक एक समर्पित खेल सामग्री विनिर्माण नीति लागू करेगा, जिससे न केवल खेल प्रतिभाओं को पोषित करने में मदद मिलेगी, बल्कि देश वैश्विक स्तर पर ख
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया


नई दिल्ली, 30 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने शनिवार को यहां कहा कि भारत इस वर्ष के अंत तक एक समर्पित खेल सामग्री विनिर्माण नीति लागू करेगा, जिससे न केवल खेल प्रतिभाओं को पोषित करने में मदद मिलेगी, बल्कि देश वैश्विक स्तर पर खेल सामग्री का एक प्रमुख निर्यातक भी बनेगा।

कई खेल विधाओं में खिलाड़ियों को उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए महंगे आयातित उपकरणों पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन खेल मंत्री ने कहा कि इस वर्ष नवंबर-दिसंबर तक एक योजना शुरू की जाएगी, जिससे खेल के सामान और उपकरणों के विनिर्माण को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिलेगा।

खेल सामग्री और विनिर्माण सम्मेलन के दौरान मांडविया ने कहा, नवंबर-दिसंबर तक एक योजना शुरू की जाएगी ताकि देश सर्वश्रेष्ठ खेल सामग्री निर्माता बन सके, जो शीर्ष श्रेणी की सुविधाएं प्रदान करे, पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाए और भारत को वैश्विक स्तर पर खेल सामग्री के एक प्रमुख निर्यातक के रूप में उभरने में मदद करे।

उन्होंने कहा कि भारत कुछ भी हासिल कर सकता है और देश खेल दवाओं, खेल बुनियादी ढांचे, खेल साहित्य और खेल शिक्षा डिजाइन को बड़े खेल सामान विनिर्माण परियोजना का हिस्सा बनाने पर विचार कर रहा है।

उन्होंने कहा, खेल पारिस्थितिकी तंत्र बहुत तेज़ी से विकसित हो रहा है। हमारे देश में सब कुछ हासिल करने की क्षमता है। हमें आगे आने वाली चुनौतियों को समझने की ज़रूरत है। आने वाले दिनों में, हम खेल निर्माण क्षेत्र में कैसे आगे बढ़ सकते हैं? हम खेल दवाओं, खेल के बुनियादी ढाँचे, खेल साहित्य और खेल शिक्षा डिज़ाइन को भी खेल सामग्री निर्माण का हिस्सा बना सकते हैं।

मंडाविया ने आगे कहा कि मंत्रालय इस क्षेत्र को मज़बूत करने और उत्पादन व निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हितधारकों से संपर्क करेगा।

उन्होंने कहा, खेल सामग्री निर्माण क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता है। राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक का पहला स्तंभ खिलाड़ी-केंद्रित शासन था। इसमें खेल महासंघों के विवादों का भी समाधान किया गया है। यह एक महत्वपूर्ण सम्मेलन है, खेल क्षेत्र में सुधारों का एक हिस्सा, जो इस बात पर केंद्रित है कि हम खेल सामग्री निर्माण में कैसे हस्तक्षेप कर सकते हैं। उन्होंने कहा, नीति आयोग और निर्माताओं सहित सभी हितधारकों के साथ चर्चा के माध्यम से नीतियाँ बनाई जाएँगी। नीति निर्माण का कार्य सितंबर तक पूरा हो जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे