17वीं वार्षिक गंगबल यात्रा नारानाग से शुरू
गांदरबल, 30 अगस्त (हि.स.)। 17वीं वार्षिक गंगबल यात्रा जिसे कश्मीर का कैलाश भी कहा जाता है शनिवार को मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के नारानाग में एक ध्वजारोहण समारोह के साथ शुरू हुई अधिकारियों के अनुसार यात्रा तीर्थयात्रियों को हरमुख गंगबल झील तक ले जात
17वीं वार्षिक गंगबल यात्रा नारानाग से शुरू


गांदरबल, 30 अगस्त (हि.स.)। 17वीं वार्षिक गंगबल यात्रा जिसे कश्मीर का कैलाश भी कहा जाता है शनिवार को मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के नारानाग में एक ध्वजारोहण समारोह के साथ शुरू हुई अधिकारियों के अनुसार यात्रा तीर्थयात्रियों को हरमुख गंगबल झील तक ले जाती है जो हरमुख रेंज में 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।

तीर्थयात्रा जिसे 150 से अधिक वर्षों तक निष्क्रिय रहने के बाद 2009 में पुनर्जीवित किया गया था, विनोद पंडित के नेतृत्व में हरमुख गंगा गंगबल ट्रस्ट (एचजीजीटी) द्वारा आयोजित किया जाता है। इसके पुनरुद्धार के बाद से यात्रा बिना किसी रुकावट के प्रतिवर्ष आयोजित की जाती रही है। यात्रा नारानाग में छड़ी पूजा समारोह के साथ शुरू हुई। इस कार्यक्रम में डिवीजनल कमिश्नर कश्मीर अंशुल गर्ग, डिप्टी कमिश्नर गांदरबल, एसएसपी गांदरबल, 2 असम राइफल्स और सीआरपीएफ के अधिकारी और एसडीएम कंगन ने भाग लिया।

यात्रा के बारे में बोलते हुए मंडलायुक्त कश्मीर अंशुल गर्ग ने कहा कि स्थानीय समुदाय ने गंगबल यात्रा को पुनर्जीवित करने और जारी रखने में लगातार भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तरह इस साल भी पुलिस और सेना तीर्थयात्रा की सुविधा प्रदान कर रही है। उन्होंने सभी तीर्थयात्रियों को अपनी शुभकामनाएं दीं और एसएसपी के नेतृत्व वाली सहायता टीम के साथ-साथ त्रिंगपुल पर तैनात सेना के जवानों को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि भविष्य में भी कश्मीर भर में ऐसी तीर्थयात्राएं जारी रहेंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / SONIA LALOTRA