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रांची, 28 अगस्त (हि.स.)। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन की सफलता केवल अंकों से नहीं आंकी जा सकती। असली परीक्षा यह है कि छात्र कठिनाइयों के समय धैर्य, ईमानदारी और आत्मविश्वास बनाए रखें।
राज्यपाल गुरुवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल विद्यालय की उपलब्धियों का उत्सव नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और रचनात्मकता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि डीपीएस रांची ने अनुशासन, ज्ञान और उत्कृष्टता की गौरवशाली परंपरा स्थापित की है और इसकी गिनती रांची के प्रतिष्ठित विद्यालयों में की जाती है।
उन्होंने विद्यालय के विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ कला, संस्कृति और पर्यावरण जैसे विषयों में भी विद्यार्थियों को जागरूक और सक्षम बना रहा है। साथ ही, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ओलंपियाड प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त करने के लिए विद्यालय परिवार को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम विद्यार्थियों को यही प्रेरणा देता है कि परीक्षा को उत्सव की तरह लें, न कि तनाव का कारण बनने दें। परीक्षा दबाव का नहीं, बल्कि आत्मविश्वास का अवसर है। इसी संदर्भ में उन्होंने भारत रत्न डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का उल्लेख करते हुए कहा कि अब्दुल कलाम हमेशा कहते थे। सपना वह नहीं है जो हम सोते समय देखते हैं, सपना वह है जो हमें सोने नहीं देता। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि बड़े सपने देखें, कड़ी मेहनत करें और अपने अनुशासन एवं चरित्र से राज्य और देश का नाम रौशन करें।
राज्यपाल ने विद्यालय प्रबंधन से भी आह्वान किया कि वे गरीब और मेधावी बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि विद्यालय ऐसे बच्चों की मदद करेगा, तो वे भविष्य में सफल होकर विद्यालय और समाज का नाम रौशन करेंगे और आपके योगदान को सदा स्मरण करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे