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रांची, 28 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री हेमंत सोरन ने कहा है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, कृषि, आर्थिक सामाजिक सहित हर क्षेत्र में आदिवासी, दलित और गरीबों के अनुरूप काम करना चाहती है। लेकिन विपक्ष को सरकार की हर कार्य में खामियां नजर आती हैं। विपक्ष हर तरह से सरकार को घेरने में लगा रहता है। उन्होंने कहा कि खनन कंपनियां दलाल के माध्यम से कार्य कर रही हैं। झारखंड देश के विकास और बड़े पूंजीपतियों के विकास के लिए कीमत चुका रहा है। लेकिन विपक्ष रिम्स–2 के नाम पर राजनीतिक रोटी सेकने में लगा है। मुख्यमंत्री गुरुवार को विधानसभा के मानसून सत्र के समापन पर अपना वक्तव्य दे रहे थे।
उन्होंने विपक्ष पर सरकार के विरोध जनता को खडा करने के लिए फंडिंग करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की बहुत ऐसी बातें हैं जिसे देखकर लगता है कि विपक्ष राज्य सरकार को हर हाल में गिराना चाहता है, लेकिन राज्य की जनता सबकुछ देख समझ रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही हैं। लेकिन ये लोग पैसों को लेकर संवैधानिक संस्थाओं को अपने हाथों में लेकर रखा है।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि दिवंगत गुरुजी शिबू सोरेन आज हमारे बीच नहीं रहे। पूरे देश से लोग श्रद्धांजलि देने झारखंड पहुंचे। तेलंगाना के मुख्यमंत्री भी आए थे और उन्होंने कहा कि झारखंड अलग होने के समय तेलंगाना राज्य का भी गठन होना था और तब गुरुजी ने तेलंगाना आंदोलन में हमें भी मार्गदर्शन किया था। इसलिए पूरा देश उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आदिवासी, दलित, किसान और मजदूरों की आर्थिक सामाजिक सुधार कैसे हो, आनेवाली पीढ़ी कैसे शिक्षा ग्रहण करे, राज्य में कैसे स्वास्थ्य सेवा बेहतर हो और कैसे आंदोलनकारियों को सम्मान मिले। इसपर संकल्पित होकर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष समझता है कि कानून उसकी जेब में हैं और उन्हें लगता है कई सरकारी संस्थाएं भी इनकी जेब में हैं। इसके जरिए विपक्ष सरकार को घेरने के प्रयास में लगा रहता है, लेकिन सरकार मजबूती से खडी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गांव से चलने वाली सरकार है। गांव के ग्रामीणों की सोच के अनुरूप योजनाएं बनाकर उसे धरातल ओर उतारा जा रहा है। लेकिन भाजपा शासित राज्यों को देखें तो पता चलेगा कि वहां कमजोर वर्ग, आदिवासी दलितों की स्थिति का पता चलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिवंगत गुरुजी शिबू सोरन को भारत रत्न देने का प्रस्ताव रखा गया। लेकिन बाद में पता नहीं ये क्या करेंगे। यह भी सोचनीय पहलू है। क्योंकि देश में कई लोगों को भारत रत्न देने की मांगें होती रही है। लेकिन उन्हें अबतक नहीं मिला है। हां ये पता नहीं। उन्होंने कहा कि कई जांच एजेंसी लगाकर किसी को कैसे बर्बाद किया जाए। इसपर विपक्ष का ध्यान होता है। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए विपक्ष पर चुनावी प्रक्रिया में भी बाधा डालने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि झारखंड सोने की चिड़िया है। लेकिन राज्य को देश अबतक क्या-क्या मिला है। उन्होंने कहा कि दिल्ली, मुंबई और चेन्नई की तुलना में झारखंड का विकास कैसा हो रहा है। मुंबई को देखकर विकास का पैमाना नहीं लगाया जा सकता है। एक-एक कमरे में कई लोग रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की धरती के अंदर बड़े पैमाने पर आग फैल चुकी है। रामगढ़, धनबाद जैसे जिलों में क्या स्थिति है। लेकिन इसपर विपक्ष का ध्यान नहीं जाता। प्राकृतिक व्यवस्थाओं से छेड़छाड़ पर
चिंतन करने की जरूरत है। नहीं तो झारखंड खनन के कारण पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।
राज्य में सकारात्मक राजनीति और कार्य करने की आवश्यकता है। हमारे लोग झारखंड के प्रतिनिधि हैं न कि दिल्ली और मुंबई के। सकारात्मक सोच के साथ विपक्ष की सोच आएगा तो हम उसे भी ग्रहण करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar