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लंदन, 02 सितंबर (हि.स.)। भारतीय तेज गेंदबाज आकिब नबी ने बुधवार को सरे की ओर से यॉर्कशायर के खिलाफ काउंटी चैंपियनशिप में पदार्पण किया। 29 वर्षीय नबी तीन मैचों के लिए सरे से जुड़े हैं और उनका लक्ष्य टीम के गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती देना है।
नबी को द ओवल में डिवीजन-1 के मुकाबले के लिए सरे की अंतिम एकादश में शामिल किया गया है। वह इसके बाद होव में ससेक्स और फिर घरेलू मैदान पर ग्लेमॉर्गन के खिलाफ होने वाले मुकाबलों के लिए भी उपलब्ध रहेंगे।
नबी ने जम्मू-कश्मीर की ओर से शानदार घरेलू सत्र में रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। उन्होंने 60 विकेट हासिल किए और उनका गेंदबाजी औसत 12.56 रहा। फाइनल में भी उन्होंने पांच विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उनके शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया गया था। इससे पहले वह गर्मियों में भारत ए का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। हालांकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का मौका नहीं मिला लेकिन राष्ट्रीय टीम में चयन ने लाल गेंद क्रिकेट में उनके तेजी से बढ़ते कद को दर्शाया।
मुश्किल दौर से गुजर रहा है सरे
नबी का सरे से जुड़ना टीम के लिए महत्वपूर्ण समय पर हुआ है। सरे ने साल 2022 से 2024 तक लगातार तीन बार काउंटी चैंपियनशिप का खिताब जीता था और पिछले साल उपविजेता रहा था। हालांकि इस सत्र में टीम 10 मैचों में केवल एक जीत हासिल कर सकी है।
सरे फिलहाल डिवीजन-1 में आठवें स्थान पर है और वह रेलिगेशन क्षेत्र से सिर्फ तीन अंक ऊपर है। ऐसे में टीम को अपने गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत करने के लिए नबी से काफी उम्मीदें हैं।
सरे के पुरुष क्रिकेट निदेशक एलेक स्टीवर्ट ने कहा कि टीम को अपने गेंदबाजी संसाधनों को मजबूत करने की जरूरत है क्योंकि छह सप्ताह में छह मुकाबले खेलने हैं और मैचों के बीच खिलाड़ियों को आराम और रिकवरी के लिए ज्यादा समय नहीं मिलेगा।
नबी के लिए इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट का यह अनुभव आगामी चुनौतियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। उन्हें नवंबर में होने वाले भारत के न्यूजीलैंड दौरे से पहले इंग्लैंड की परिस्थितियों में लाल गेंद से क्रिकेट खेलने का अतिरिक्त अनुभव मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे