समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका अहम : डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे
कानपुर, 19 सितंबर (हि.स.)। जिस प्रकार राजा का आदर्श व्यक्तित्व उपभोग शून्य स्वामित्व का होता है, उसी प्रकार शिक्षक को भी उपभोग शून्य व्यक्तित्व का निर्वहन करना चाहिए। समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यह बातें पूर्व र
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