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रायपुर, 16 सितंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में जगदलपुर की विशेष एनआईए अदालत ने बुधवार काे सभी 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। फैसले के बाद प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एनआईए ने मामले की जांच के आधार पर आरोपिताें को दोषी साबित किया और अदालत ने उसी आधार पर फैसला सुनाया है।
विजय शर्मा ने कहा कि “एनआईए की जांच बिल्कुल ठीक थी, तभी तो ऐसा हुआ है। अनावश्यक किसी को आरोपित करना और इस विषय पर राजनीतिक करना, कांग्रेस ने कोशिश की थी। लेकिन एनआईए कोर्ट ने आज दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया।” उन्होंने कहा कि आज यह स्पष्ट हो गया है कि एनआईए ने पूरे शिद्दत के साथ मामले की जांच की थी।
एनआईए कोर्ट के फैसले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से असंतुष्टि जताए जाने पर विजय शर्मा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल की नाराजगी का कोई आधार नहीं है। गृहमंत्री ने कहा कि भूपेश बघेल खुद मुख्यमंत्री रहे हैं और उनके कार्यकाल में भी इस मामले को लेकर सवाल उठते रहे। विजय शर्मा ने भूपेश के उस पुराने बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने झीरम मामले के सबूत अपनी जेब में होने की बात कही थी।
विजय शर्मा ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर उनके पास सबूत थे तो उन्हें सामने क्यों नहीं लाया गया। उन्होंने कहा कि अब एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद भूपेश बघेल की असंतुष्टि का कोई आधार नहीं है।
हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल