इंदौर नगर निगम में जीतू यादव की एमआईसी में वापसी के विरोध में परिवार सहित धरने पर बैठे कालरा
- राजबाड़ा में अहिल्या प्रतिमा के नीचे काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन इंदौर, 12 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में भाजपा पार्षद कमलेश कालरा शनिवार को अपनी पत्नी, मां और बेटे के साथ राजबाड़ा स्थित देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा के नीचे धरने पर
विरोध में परिवार सहित धरने पर बैठे कालरा


- राजबाड़ा में अहिल्या प्रतिमा के नीचे काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन

इंदौर, 12 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में भाजपा पार्षद कमलेश कालरा शनिवार को अपनी पत्नी, मां और बेटे के साथ राजबाड़ा स्थित देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए। उन्होंने काली पट्टी बांधकर मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) में जितेंद्र उर्फ जीतू यादव की दोबारा नियुक्ति का विरोध किया।

कालरा का कहना है कि जनवरी 2025 में उनके घर पर हुए हमले के मामले में जिन लोगों पर आरोप लगे थे, उनमें जीतू यादव के समर्थकों के नाम भी सामने आए थे। ऐसे में उनकी एमआईसी में वापसी पर उन्होंने आपत्ति जताई है।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार देर रात आदेश जारी कर जीतू यादव को एमआईसी सदस्य नियुक्त किया और उन्हें विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके बाद कालरा ने सार्वजनिक रूप से विरोध शुरू किया।

जनवरी 2025 के विवाद से फिर गरमाई निगम की राजनीति

दरअसल कालरा और जीतू यादव के बीच विवाद जनवरी 2025 में सामने आया था। उस समय एक ऑडियो को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जिसमें कालरा द्वारा नगर निगम के एक कर्मचारी के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ा और कालरा के घर पर हमला हुआ। हमले के बाद भाजपा ने जीतू यादव को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके साथ ही उनकी एमआईसी सदस्यता भी समाप्त हो गई थी। बाद में 18 अगस्त को उनकी भाजपा में वापसी हुई। अब उन्हें दोबारा एमआईसी में शामिल किए जाने के बाद यह विवाद फिर चर्चा में आ गया है।

विरोध किसी व्यक्ति से नहीं, न्याय की मांग

कालरा ने कहा कि उनका प्रदर्शन किसी व्यक्तिगत विरोध के बजाय न्याय की मांग को लेकर है। उन्होंने कहा कि वे भाजपा के निर्वाचित पार्षद हैं और पार्टी नेतृत्व को उनकी शिकायत भी सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी बात जिम्मेदार नेताओं तक नहीं पहुंचती और उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक वे अपना विरोध और कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे। कालरा ने कहा कि वे जीतू यादव की भाजपा में वापसी और एमआईसी में दोबारा नियुक्ति, दोनों का विरोध करते हैं। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मामले में पीड़ित पक्ष का पक्ष भी सुनने की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे