Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

सूरत, 20 अगस्त (हि.स.)। सरकारी मेडिकल कॉलेज, सूरत में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रथम वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टर स्वर्गीय डॉ. हर्ष पंड्या की रैगिंग और आत्महत्या के मामले में राज्य सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया के निर्देश पर माइक्रोबायोलॉजी विभाग की वर्ग-1 प्राध्यापक डॉ. सुमैया मुल्ला को रैगिंग रोकने में गंभीर लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से 90 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री पानशेरिया ने कहा कि गुजरात की किसी भी शैक्षणिक या चिकित्सा संस्था में रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार की रैगिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने या कर्तव्य में गंभीर लापरवाही बरतने वाले अधिकारी के खिलाफ पद की परवाह किए बिना कड़ी कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निलंबन अवधि के दौरान डॉ. सुमैया मुल्ला का मुख्यालय सरकारी मेडिकल कॉलेज, वडोदरा रहेगा। सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना वह मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी। इस अवधि में उन्हें किसी भी प्रकार की निजी नौकरी या व्यवसाय करने की अनुमति भी नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर निर्वाह भत्ता रोकने के साथ अतिरिक्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एंटी-रैगिंग कमेटी और एंटी-रैगिंग स्क्वॉड को तत्काल सक्रिय और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। सभी संस्थानों को विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, अनुशासित और भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे