लोककला से लोकसमृद्धि तक: बिहार के सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई कहानी
डॉ. मीना कुमारी
बिहार की पहचान केवल नालंदा, वैशाली और बोधगया तक सीमित नहीं है। यह राज्य अपनी जीवंत लोककलाओं, लोकगीतों और पारंपरिक शिल्प के कारण भी विश्व पटल पर विशिष्ट स्थान रखता है। मधुबनी चित्रकला, मंजूषा कला, सिक्की शिल्प, सुजनी कढ़ाई, बिदेसिय
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