Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

देहरादून, 12 अगस्त (हि.स.)। जनरेटिव एआई और डिजिटल तकनीक के दौर में पुस्तकालयों की भूमिका तेजी से बदल रही है। अब पुस्तकालय केवल पुस्तकों के संग्रह और निर्गमन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ज्ञान, सूचना, तकनीक और समाज के बीच सेतु का काम कर रहे हैं। यह बातें दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस के अवसर पर आयोजित व्याख्यान में विशेषज्ञों ने कही।
दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में बुधवार को राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस के अवसर पर पद्मश्री डॉ. एस.आर. रंगनाथन की 134वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर ‘रंगनाथन से जनरेटिव एआई तक: एआई के युग में पुस्तकालय विज्ञान के पांच नियमों की पुनर्कल्पना’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज (यूपीईएस) के वरिष्ठ एसोसिएट लाइब्रेरियन डॉ. प्रवीण कपूर और लाइब्रेरियन डॉ. राजीव कुमार अत्री ने पुस्तकालय विज्ञान में रंगनाथन के योगदान और उनके पांच नियमों की प्रासंगिकता पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि जनरेटिव एआई और डिजिटल तकनीक के दौर में पुस्तकालयों की भूमिका तेजी से बदल रही है। पुस्तकालय अब केवल पुस्तकों के संग्रह और निर्गमन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ज्ञान, सूचना, तकनीक और समाज के बीच सेतु का काम कर रहे हैं।
वक्ताओं ने कहा कि एआई का उपयोग अधिग्रहण, सूचीकरण, वर्गीकरण, मेटाडेटा निर्माण, ई-संसाधनों की खोज, संदर्भ सेवाओं और शोध सहयोग जैसे कार्यों में प्रभावी तरीके से किया जा सकता है। हालांकि इसके साथ अकादमिक ईमानदारी, गोपनीयता, कॉपीराइट और सूचना के आलोचनात्मक मूल्यांकन जैसी चुनौतियों पर भी ध्यान देना जरूरी है। कार्यक्रम में पुस्तकालयकर्मियों ने डिजिटल दौर में पठन संस्कृति की चुनौतियों पर भी चर्चा की।
इस दौरान मीनाक्षी कुकरेती, मधु डंगवाल, शकुंतला मरछ्याल, प्रियंका चौहान और मीनू चौधरी ने भी पुस्तकालयों की सामाजिक भूमिका और पठन संस्कृति पर विचार रखे। वरिष्ठ पाठक सदस्य शशि भूषण गर्ग, युवा पाठक मोहित रतूड़ी और राघव उनियाल ने पुस्तकालय से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। शुभम बिष्ट और राधा पुंडीर ने कबीर गायन प्रस्तुत किया।
राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस के अवसर पर दून पुस्तकालय के वरिष्ठ सहायक मधन सिंह बिष्ट को उत्कृष्ट पुस्तकालय सेवा के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। संचालन जगदीश सिंह महर ने किया और धन्यवाद ज्ञापन सुमन भारद्वाज ने किया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय