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अम्बिकापुर, 09 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ का 'शिमला' कहे जाने वाले सरगुजा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट में इन दिनों सैलानियों की शांति और सुकून पर 'बाइकर्स गैंग' का ग्रहण लग गया है। प्राकृतिक हुस्न और शांत वादियों के लिए मशहूर मैनपाट की सड़कें अब स्टंटबाजों और रईसजादों के हुड़दंग का अखाड़ा बन चुकी हैं। तेज रफ्तार और कानों के पर्दे फाड़ देने वाली आवाजों के साथ दर्जनों युवक सड़कों पर खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
मैनपाट की वादियों का लुत्फ उठाने आने वाले पर्यटकों को उस वक्त असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है, जब एक साथ एक से डेढ़ दर्जन बाइकर्स का झुंड सड़कों पर रफ्तार का कहर बरपाता हुआ निकलता है। हद तो तब हो जाती है जब ये युवक अपनी बाइकों में कानूनन प्रतिबंधित 'मॉडिफाइड साइलेंसर' लगाकर पटाखे जैसी तेज आवाजें निकालते हैं। इस ध्वनि प्रदूषण से न सिर्फ स्थानीय बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी हो रही है, बल्कि सुकून की तलाश में आए पर्यटक भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि मैनपाट एक सार्वजनिक और खूबसूरत पर्यटन स्थल है, यहाँ किसी के भी आने-घूमने पर कोई मनाही नहीं है। लोग आएं, प्रकृति का आनंद लें और इंजॉय करें। लेकिन शांत वातावरण को इस तरह प्रदूषित करना और राहगीरों के लिए खतरा पैदा करना किसी भी लिहाज से सही नहीं है। बाइक राइडिंग के शौक के नाम पर किया जा रहा यह कारनामा अब सीधे तौर पर आम जनता के लिए सिरदर्द बन चुका है।
सड़कों पर सरेआम रील बनाने और रूतबा दिखाने के चक्कर में ये हुड़दंगी युवक न केवल अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी काल बन रहे हैं। स्थानीय लोगों ने अब पुलिस और यातायात प्रशासन से मांग की है कि ऐसे तथाकथित बाइकर्स गैंग पर तत्काल नकेल कसी जाए, उनकी गाड़ियों को जब्त किया जाए और भारी-भरकम जुर्माना लगाकर इस हुड़दंग पर हमेशा के लिए पूर्णविराम लगाया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह