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- 16 जुलाई की अर्धरात्रि में सूर्य कर्क राशि में करेंगे प्रवेश, इसे ज्योतिष में माना जाता है महत्वपूर्ण खगोलीय परिवर्तन
लखनऊ, 09 जुलाई(हि.स.)। सौर मंडल के ग्रहों के राजा भगवान भास्कर 16 जुलाई की अर्धरात्रि से छह माह के लिए दक्षिणायन हो जाएंगे। ज्योतिर्विद सतीश मणि त्रिपाठी ने हिन्दुस्थान समाचार से बताया कि सूर्य देव के कर्क राशि में प्रवेश के साथ ही दक्षिणायन काल का शुभारंभ होगा। ज्योतिष शास्त्र में इसे महत्वपूर्ण खगोलीय घटना माना गया है।
मान्यता है कि इस अवधि में सूर्य का बल अपेक्षाकृत कमजोर होता है, जिससे मांगलिक कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ज्योतिष के अनुसार सूर्य के जल तत्व की राशि कर्क में प्रवेश के साथ संक्रामक रोगों का प्रभाव भी बढ़ सकता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य देव 16 जुलाई की अर्धरात्रि को चंद्रमा की राशि कर्क में प्रवेश करेंगे और लगभग एक माह तक इसी राशि में रहेंगे। इसके साथ ही उनका दक्षिणायन प्रारंभ हो जाएगा। लगभग छह माह बाद मकर राशि में प्रवेश करते ही सूर्य पुनः उत्तरायण होंगे।
ज्योतिर्विद सतीश मणि त्रिपाठी ने बताया कि नवग्रहों में सूर्य देव को ग्रहों का राजा माना गया है। वे राजसत्ता, मान-सम्मान, तेज और आरोग्य के कारक हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार सूर्य की शुभ स्थिति व्यक्ति को प्रतिष्ठा, ऊर्जा और स्वास्थ्य प्रदान करती है, जबकि दक्षिणायन काल में सूर्य का प्रभाव अपेक्षाकृत कमजोर माना जाता है। इसी कारण कई ज्योतिष विद्वान इस अवधि में बड़े मांगलिक कार्यों से परहेज करने की सलाह देते हैं।
ज्योतिर्विद का कहना है कि अग्नि तत्व के ग्रह सूर्य का जल तत्व की राशि कर्क में प्रवेश प्राकृतिक वातावरण में भी बदलाव का संकेत देता है। मौसम में नमी बढ़ने के साथ बैक्टीरिया और वायरस जैसे सूक्ष्म जीव अधिक सक्रिय हो सकते हैं। ऐसे में संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए इस अवधि में स्वास्थ्य, स्वच्छता और खानपान को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई गई है।-------
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश