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नई दिल्ली, 08 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम एशिया में हालिया सैन्य हमलों और लगातार बढ़ते तनाव के बीच भारत ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने और हालात को और अधिक बिगड़ने से रोकने की अपील की है। भारत ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हाल की घटनाएं पूरे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं। भारत ने सभी संबंधित पक्षों से आग्रह किया कि वे तनाव कम करने के लिए जिम्मेदाराना कदम उठाएं और किसी भी ऐसी कार्रवाई से बचें, जिससे संघर्ष और बढ़े।
भारत ने इस बात पर भी जोर दिया कि पश्चिम एशिया वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में क्षेत्र में अस्थिरता का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियां बिना किसी बाधा के जारी रहनी चाहिए।
भारत ने दोहराया कि किसी भी विवाद का समाधान सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि संवाद, कूटनीति और शांतिपूर्ण वार्ता के जरिए ही संभव है। विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से बातचीत का रास्ता अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि यही क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
भारत ने यह भी संकेत दिया कि वह क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और शांति स्थापित करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन करता रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय