Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

मुंबई, 08 जुलाई तारीख (हि. स.) । ठाणे जिले में पिछले पांच-छह दिनों से हो रही भारी बारिश और भारी बारिश के कहर जैसे हालात की वजह से कई निचले इलाकों में पानी जमा हो गया है। पेड़ और उनकी टहनियां गिरने के साथ-साथ खतरनाक होर्डिंग्स और उड़ते हुए टीन से गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। इसी पृष्ठभूमि में, ठाणे जिले के पालक मंत्री और उप मुख्य मंत्री (अर्बन डेवलपमेंट, हाउसिंग एंड सिविल एविएशन एकनाथ शिंदे ने ठाणे मनपा के डिजास्टर कंट्रोल रूम का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। इसी बीच आज ठाणे जिलाधिकारी पांचाल ने कहा है कि भारी बारिश के दौरान सेवा में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लेते हुए, ठाणे जिलाधिकारी और जिला आपदा प्रबंधन शीर्ष अध्यक्ष , डॉ. श्री कृष्ण पांचाल ने एक बहुत ज़रूरी आदेश जारी किया है। इसके अनुसार, जिले के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों को तुरंत रोकथाम के कदम उठाने का आदेश दिया गया है। इसमें मुख्य रूप से स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन परिसर और सार्वजनिक जगहों पर लगे खतरनाक या सूखे पेड़ों की तुरंत जांच और उनकी छंटाई शामिल है। साथ ही, महावितरण के साथ मिलकर बिजली की लाइनों को छूने वाली डालियों को तुरंत हटाने के लिए कहा गया है।
सभी सरकारी और नगर निगम अस्पतालों को नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए हाई अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है और वहां ज़रूरी दवाएं, खून की सप्लाई, डॉक्टर और नर्स उपलब्ध रखने के आदेश हैं। इमरजेंसी इलाज के लिए 108 एम्बुलेंस और लोकल एम्बुलेंस को तैयार रखने के साथ-साथ एक अलग कोऑर्डिनेशन ऑफिसर नियुक्त किया जाएगा।
निचले इलाकों में पानी निकालने के लिए हाई-कैपेसिटी वाले सक्शन पंप, जनरेटर, जेसीबी और क्रेन जैसी मशीनरी को हर समय चालू रखना ज़रूरी कर दिया गया है।
सुरक्षा के उपाय के तौर पर, जिले में कंस्ट्रक्शन साइट्स पर सभी विज्ञापन बोर्ड (होर्डिंग), एलईडी स्क्रीन, स्वागत मेहराब और सुरक्षा जाल की सख्ती से जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले और असुरक्षित बोर्ड को तुरंत हटाने के आदेश जारी किए गए हैं।
सबसे ज़रूरी बात यह है कि डिज़ास्टर मैनेजमेंट से जुड़े सभी फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को 24 घंटे कंट्रोल रूम के संपर्क में फील्ड में मौजूद रहना ज़रूरी कर दिया गया है और बिना पहले से इजाज़त हेडक्वार्टर छोड़ने पर पूरी तरह से रोक है। जिलाधिकारी पांचाल ने सख्त चेतावनी दी है कि अगर इन आदेशों का पालन करने में कोई ढिलाई या लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी को निजी तौर पर ज़िम्मेदार माना जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएग
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा