स्मृति शेषः पद्म विभूषण तीजन बाई
संजीव चोला माटी के हे राम, एकर का भरोसा, द्रोणा जइसे गुरू चले गे, करन जइसे दानी, बाली जइसे बीर चले गे, रावन कस अभिमानी, चोला माटी के हे राम! छत्तीसगढ़ी लोक गीत-नाट्य कला पंडवानी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने वाली पद्म व

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