राष्ट्रीय हित बनाम वैश्विक प्रतिबद्धता : जब दुनिया की बड़ी ताकतें अंतरराष्ट्रीय समझौतों से बाहर निकल गईं
- अमरेश द्विवेदी
दुनिया की राजनीति में एक प्रसिद्ध कथन है- राष्ट्रों के स्थायी मित्र या शत्रु नहीं होते बल्कि उनके स्थायी हित होते हैं। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का इतिहास इस कथन की अनेक बार पुष्टि करता है। जब भी किसी वैश्विक संधि, समझौते या अंतरराष
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