गुरु-शिष्य परंपरा भारत की वैचारिक समृद्धि की मेरुदंड है : डॉ. संजीव गुप्ता
कानपुर, 29 जुलाई (हि.स.)। गुरु केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों, संस्कृति और राष्ट्रोत्थान के प्रखर संवाहक हैं। गुरु पूर्णिमा हमें यह स्मरण कराती है कि आध्यात्मिक और बौद्धिक उन्नयन का मूल आधार गुरु के प्रति समर्पण है। यह बातें बुधवार क
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