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पश्चिम बर्दवान, 20 जुलाई (हि. स.)। 21 जुलाई को कोलकाता में होने वाले तृणमूल कांग्रेस के शहीद दिवस कार्यक्रम से पहले पार्टी के प्रदेश सचिव वी. शिवदासन दासु ने आसनसोल में अपनी ही पार्टी के नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए पूर्व मेयर, पूर्व डिप्टी मेयर, पूर्व पार्षदों और कई नेताओं पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, जमीन कब्जाने और संगठन को कमजोर करने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि इन्हीं नेताओं की वजह से 2026 के विधानसभा चुनाव में आसनसोल क्षेत्र की सभी पांच विधानसभा सीटों पर तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में दासु ने कहा कि आज 21 जुलाई की रैली में जिन लोगों को लेकर जाने की तैयारी हो रही है, उनमें अधिकांश वही लोग हैं जिन्होंने पार्टी को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि लगभग 50 पूर्व पार्षद, दोनों पूर्व डिप्टी मेयर और कई पुराने पदाधिकारी मौजूद थे, लेकिन यही लोग पार्टी की हार के जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि जब इन नेताओं को पार्टी में लाया जा रहा था, तब उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि पार्टी में एक बड़ा चोर लाया जा रहा है, वह जनता की सेवा करने नहीं बल्कि लूट करने आया है। उस समय मीडिया ने उनके बयान को प्रमुखता से दिखाया था, लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं और समर्थकों ने उनके खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दी। अब समय ने साबित कर दिया कि उनकी बातें सही थीं।
दासु ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 से आसनसोल नगर निगम पूरी तरह लूट और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया था। विकास कार्यों के नाम पर जनता के पैसे की लूट हुई। सड़क निर्माण, बिल्डिंग प्लान पास कराने, जमीन के मामलों, पार्किंग, होर्डिंग लगाने और अन्य विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। निगम के तत्कालीन मेयर, डिप्टी मेयर और कई पार्षदों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने जमीन कब्जाने, जमीन की दलाली, मकान कब्जाने, पार्किंग से अवैध वसूली, होर्डिंग लगाने और अन्य माध्यमों से करोड़ों रुपये कमाए। उन्होंने लेचीपुर पार्किंग का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां भी अवैध रूप से पैसे वसूले जाते रहे।
दासु ने कहा कि उन्होंने करीब दस बार पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को शिकायत भेजकर चेताया था कि यदि आसनसोल नगर निगम में चल रहे भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लगी तो पार्टी को भारी नुकसान होगा। लेकिन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया। यदि समय रहते भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होती तो पार्टी को इतनी बड़ी हार का सामना नहीं करना पड़ता।
उन्होंने राज्य की शहरी विकास एवं नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल से मांग की कि पिछले पांच वर्षों के दौरान आसनसोल नगर निगम में हुए सभी विकास कार्यों, बिल्डिंग प्लान, सड़क निर्माण और अन्य परियोजनाओं की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। जिन पूर्व मेयर, पूर्व डिप्टी मेयर, पार्षदों और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
दासु ने कहा कि चुनाव हारने के बाद यही नेता इधर-उधर चले गए थे, लेकिन अब 21 जुलाई की रैली के समय फिर एक मंच पर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता और पार्टी कार्यकर्ता इन चेहरों को अच्छी तरह पहचान चुके हैं। वह 1990 के दशक से ममता बनर्जी के साथ राजनीति कर रहे हैं और पार्टी के लिए लगातार संघर्ष किया है। वर्ष 2006 में उन्हें केवल इसलिए निलंबित कर दिया गया था क्योंकि उन्होंने भ्रष्ट नेताओं का विरोध किया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा