आइएफएस अधिकारी राजीव लोचन बख्शी के खिलाफ हो उच्चस्तरीय एसआईटी जांच : बाबूलाल
रांची, 20 जुलाई( हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर झारखंड कैडर के वरिष्ठ आइएफएस अधिकारी राजीव लोचन बख्शी की ओर से रांची वन प्रमंडल में किए गए करोड़ों के वित्तीय गबन और राज्यकोष की सुनियोजित लूट की उच्चस्त
फाइल फोटो बाबूलाल


रांची, 20 जुलाई( हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर झारखंड कैडर के वरिष्ठ आइएफएस अधिकारी राजीव लोचन बख्शी की ओर से रांची वन प्रमंडल में किए गए करोड़ों के वित्तीय गबन और राज्यकोष की सुनियोजित लूट की उच्चस्तरीय एसआईटी जांच व फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने राजीव लोचन बख्शी के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी दर्ज कराने एवं जाँच पूरी होने तक उन्हें उनके वर्तमान महत्वपूर्ण दायित्वों से मुक्त करने की भी मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से भ्रष्टाचार के इस गंभीर मामले में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राज्यहित में कठोर निर्णय लेने की मांग की है।

पत्र में बाबूलाल मरांडी ने लिखा है कि महालेखाकार की निरीक्षण रिपोर्ट में दर्ज वित्तीय गबन के कुछ प्रमुख तथ्य मिले हैं। इनमें जाली मस्टर रोल के जरिए 1.03 करोड़ की लूट: अप्रैल 2016 से मार्च 2019 के बीच मात्र 95 मस्टर रोल्स की टेस्ट चेकिंग में 1.0383 करोड़ के फर्जी भुगतान का खुलासा हुआ है। नियमों का घोर उल्लंघन करते हुए इन मास्टर रोल्स पर मजदूरों के हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान नहीं लिए गए, बल्कि ‘व्हाइटनर‘ और ‘इरेजर‘ का धड़ल्ले से प्रयोग कर रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की गई। भुगतान बैंक खातों के बजाय नकद दिखाया गया। यदि मात्र 95 मास्टर रोल्स में इतना बड़ा घोटाला है, तो उनके पूरे कार्यकाल में बनी हजारों योजनाओं में हुई करोड़ों की लूट का अनुमान लगाना कठिन नहीं है।

पत्र में लिखा है कि नियमों की धज्जियां उड़ाकर वन भूमि का अपयोजन- वर्ष 2013-14 में श्री बख्शी ने ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के प्रस्तावों को नियम विरुद्ध आठ छोटे प्रस्तावों में खंडित कर दिया ताकि सरकार से पूर्वानुमति न लेनी पड़े। अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर 7.35 हेक्टेयर वन भूमि के अपयोजन का आदेश स्वयं दे दिया, जिससे यूजर एजेंसी को लाभ पहुंचा और राज्य सरकार को न्यूनतम 46.01 लाख की एनपीवी राशि का सीधा नुकसान हुआ। इसके अलावा में पत्र में कई मामलों का उल्लेख किया गया है।

पत्र के जरिये बाबूलाल ने कहा कि महालेखाकार की रिपोर्टें राज्य में सुशासन का आइना होती हैं। एक ही अधिकारी द्वारा इतनी भारी वित्तीय अनियमितताएं, जालसाजी और प्रशासनिक कदाचार किए जाने के पुख्ता प्रमाण होने के बावजूद बख्शी को महत्वपूर्ण पदों से नवाजना सरकार की मंशा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

उन्होंने पत्र में लिखा है कि विपक्ष का नेता होने के नाते मेरी आपसे यह स्पष्ट मांग है कि राजीव लोचन बख्शी के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। उनके संपूर्ण कार्यकाल की एक विशेष जाँच दल (एसआईटी ) का गठन कर सघन फॉरेंसिक ऑडिट कराई जाए तथा जांच पूरी होने तक उन्हें उनके वर्तमान महत्वपूर्ण दायित्वों से मुक्त किया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे