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श्रीनगर, 20 जुलाई (हि.स.)।
मुख्य सचिव अटल दुल्लू ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की जिसमें लखनपुर से पवित्र गुफा मंदिर तक फैले श्री अमरनाथ जी यात्रा बेस कैंप और ट्रांजिट कैंपों में सुविधाओं को और बेहतर बनाने और उन्नत करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों द्वारा दी गई सिफारिशों के कार्यान्वयन का आकलन किया। ये सिफारिशें सीएपीएफ टीमों द्वारा चल रही श्री अमरनाथ जी यात्रा-2026 के दौरान किए गए व्यापक जमीनी आकलन पर आधारित थीं।
बैठक में नागरिक प्रशासन, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और सुरक्षा प्रतिष्ठान के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे जिनमें प्रशासनिक सचिव, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल , बीआरओ, बीकन, विभागाध्यक्ष, संभागीय आयुक्त, कश्मीर, संबंधित जिलों के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सूचना निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सीएपीएफ टीमों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों में उल्लिखित एसएएसबी के सीईओ डॉ. मंदीप के. भंडारी द्वारा उजागर की गई सिफारिशों और टिप्पणियों की व्यापक समीक्षा की।
इस संबंध में संबंधित प्रशासनिक सचिवों और उपायुक्तों ने प्रत्येक सिफारिश के कार्यान्वयन की स्थिति प्रस्तुत की जिसमें पहले से किए गए उपायों और शेष कार्यों को पूरा करने की समय-सीमा का विवरण दिया गया।
सिफारिशों में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और समग्र अनुभव को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए गए हस्तक्षेपों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल थी। इनमें बेस और ट्रांजिट कैंपों में आवास सुविधाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं का उन्नयन, स्वच्छता, सफाई और स्वच्छता मानकों में सुधार, अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करके और तंबुओं को जलरोधी बनाकर आपदा तैयारियों को मजबूत करना साथ ही चिन्हित स्थानों पर विश्वसनीय बिजली और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल था।
बैठक में सामुदायिक रसोई (लंगर), शौचालयों और स्नान सुविधाओं में स्वच्छता बनाए रखने, जल निकासी व्यवस्था में सुधार करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तंबुओं और शिविर के बुनियादी ढांचे की सुरक्षित विद्युत वायरिंग सुनिश्चित करने के उपायों की भी समीक्षा की गई।
इसके अतिरिक्त तीर्थयात्रियों को अधिक आराम और सुविधा प्रदान करने के लिए प्रमुख स्थानों पर कतार प्रबंधन में सुधार, भीड़भाड़ को रोकने, यातायात नियमों को सुव्यवस्थित करने, पार्किंग सुविधाओं को बढ़ाने और यात्रा मार्ग के संवेदनशील हिस्सों पर अतिरिक्त वर्षा आश्रय बनाने पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने इस बात पर जोर देते हुए कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है सभी संबंधित विभागों और जिला प्रशासनों को प्रत्येक सिफारिश की गहन समीक्षा करने और उसके शीघ्र कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि मौजूदा व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए हर संभव उपाय किए जाने चाहिए ताकि तीर्थयात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को उनकी पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षित, सुगम और परेशानी मुक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह