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जम्मू, 19 जुलाई (हि.स.)।
जम्मू डिवीज़न में हुई भारी बारिश व भूस्खलन के कारण कई जगहों पर आपातकालीन स्थिति पैदा हो गई जिसके बाद स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (एस डी आर एफ), सिविल डिफ़ेंस, वॉलंटियर्स होम गार्ड्स और स्थानीय पुलिस ने तेज़ी से और मिलकर बचाव अभियान चलाए। एसडीआरएफ की टीमों की समय पर कार्रवाई से जम्मू संभाग के कई ज़िलों में बाढ़ प्रभावित इलाकों से फँसे हुए कई लोगों और मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
एसडीआरएफ के अधिकारों ने बताया कि राजौरी यूनिट ने दिन की शुरुआत में कई बचाव अभियान चलाए। सुबह करीब 3:00 बजे पीसीआर राजौरी से मिली जानकारी के बाद कि अट्टी फ़तेहपुर में कई घरों में बारिश का पानी भर गया है, एस आई मो. अशरफ़ की अगुवाई में एक टीम तुरंत प्रभावित इलाके में पहुँची और फँसे हुए परिवारों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाया। इसके बाद सुबह 5:30 बजे एसडीआरएफ की टीम को थनामंडी के चारुंग नाले पर भेजा गया जहाँ पानी का स्तर अचानक बढ़ने से 15 लोग फँस गए थे। सभी 15 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। इसके बाद टीम को राजौरी के मुरादपुर भेजा गया जहाँ बाढ़ जैसी स्थिति में फँसे दो और लोगों को सुरक्षित निकाला गया। ज़िले में बचाव अभियान जारी हैं और एसडीआरएफ की टीमें किसी भी और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
पुंछ ज़िला की एसडीआरएफ ने पुंछ ज़िले में अलग-अलग जगहों पर कई बचाव अभियान चलाए। डहेरा में टीम ने पानी का स्तर बढ़ने के कारण फँसे एक व्यक्ति और 32 भेड़ों को बचाया। साथ ही बचाव टीमों ने कलाई और चंडक से करीब 20 लोगों को सुरक्षित निकाला जबकि बैंच से दो और लोगों को बचाया गया। इसके अलावा, एस आई याकिर हुसैन और कॉन्स्टेबल मुश्ताक ख़ान को सिविल एडमिनिस्ट्रेशन और स्थानीय पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मंडी में निरीक्षण और स्थिति का जायज़ा लेने के काम के लिए भेजा गया। भारी बारिश के कारण एक घर को नुकसान पहुँचने की ख़बर मिलने के बाद ज़मीनी स्तर पर ज़रूरी बचाव और स्थिति का जायज़ा लेने के लिए एसडीआरएफ की एक और बचाव टीम को सांगला भेजा गया है। जिले में बचाव कार्यों की देखरेख ज़मीन पर एसडीआरएफ की दूसरी बटालियन के कमांडेंट मोहम्मद असलम (आईपीएस जम्मू) ने की। उन्होंने इन कार्यों पर बारीकी से नज़र रखी और इन्हें सुरक्षित, समय पर और सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए ज़रूरी निर्देश दिए।
नौशेरा में एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस और रेस्क्यू टीम ने लम्बरी के रहने वाले धन राज के बेटे डॉली शर्मा को सफलतापूर्वक बचाया। वह सुबह करीब 8:40 बजे डंडानी नदी में फंस गए थे। मदद के लिए कॉल मिलने पर रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और काफी कोशिशों के बाद फंसे हुए व्यक्ति को नदी से सुरक्षित बाहर निकाला। उस व्यक्ति को बिना किसी चोट के सुरक्षित बचा लिया गया।
जम्मू ज़िला में एसडीआरएफ कंट्रोल रूम को पीसीआर जम्मू से सूचना मिली कि जम्मू में पीर खो मंदिर के पास तवी नदी में पानी का स्तर अचानक बढ़ने से तीन लोग फंस गए हैं। सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर एमपी वज़ीर की अगुवाई में बटालियन हेडक्वार्टर की एक एसडीआरएफ टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने स्थानीय पुलिस और सिविल प्रशासन के साथ मिलकर नावों और खास रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए पानी में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने फंसे हुए तीनों लोगों - रणदीप, विकास वैभव और मुनीश को सफलतापूर्वक बचाया और सुरक्षित किनारे पर ले आई। मौके पर मौजूद लोगों ने एसडीआरएफ कर्मियों की लगन, प्रोफेशनलिज़्म और रेस्क्यू ऑपरेशन को कुशलतापूर्वक चलाने के लिए तारीफ़ की।
एसडीआरएफ कमांडेंट मोहम्मद असलम (आईपीएस) ने सभी रेस्क्यू ऑपरेशन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी की। उन्होंने पुंछ और राजौरी ज़िलों में कार्रवाई की देखरेख की और साथ ही जम्मू प्रांत में सभी एसडीआरएफ यूनिट्स, सब-यूनिट्स और सीडी-टाउन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। उन्होंने सभी इंचार्ज अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे खराब मौसम के कारण पैदा होने वाली किसी भी इमरजेंसी या आपदा से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहें।
एसडीआरएफ बटालियन हेडक्वार्टर के डीएसपी ने भी ऑपरेशन के दौरान एसडीआरएफ कंट्रोल रूम और सभी फील्ड रेस्क्यू टीमों के साथ करीबी तालमेल बनाए रखा। उन्होंने बदलती स्थिति पर लगातार नज़र रखी, समय पर ऑपरेशन से जुड़े निर्देश दिए और यह सुनिश्चित किया कि सभी रेस्क्यू कोशिशों में तुरंत कार्रवाई, असरदार तालमेल और सुचारू रूप से काम हो।
मौजूदा मौसम को देखते हुए एसडीआरएफ ने जनता को सतर्क रहने और भारी बारिश के दौरान नदियों, नालों, बाढ़ की आशंका वाले इलाकों और अन्य जोखिम वाली जगहों के पास न जाने की सलाह दी है। नागरिकों से अपील की है कि वे ज़िला प्रशासन और इमरजेंसी रिस्पॉन्स एजेंसियों द्वारा जारी सलाहों का सख्ती से पालन करें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत नज़दीकी पुलिस स्टेशन या एसडीआरएफ कंट्रोल रूम को दें। जम्मू डिवीज़न में खराब मौसम के दौरान लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, वॉलंटियर्स, होम गार्ड्स, स्थानीय पुलिस और सिविल प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और आपसी तालमेल ने एक बार फिर उनकी प्रतिबद्धता, पेशेवर रवैये और तैयारी को साबित कर दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह