कोलकाता में दस वर्षीय बालक कोविड संक्रमित, इलाज जारी
कोलकाता, 19 जुलाई (हि. स.)। कोलकाता के एक निजी अस्पताल में कोविड-19 से संक्रमित दस वर्षीय बालक को भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार, बालक की स्थिति स्थिर है तथा उसे चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। दक्षिण कोलकाता के गड़िया क्षेत्र निवा
पीपीई किट पहने चिकित्सक द्वारा बालक की जांच करते हुए प्रतीकात्मक तस्वीर


कोलकाता, 19 जुलाई (हि. स.)। कोलकाता के एक निजी अस्पताल में कोविड-19 से संक्रमित दस वर्षीय बालक को भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार, बालक की स्थिति स्थिर है तथा उसे चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।

दक्षिण कोलकाता के गड़िया क्षेत्र निवासी बालक को शनिवार को तेज ज्वर, खांसी और सांस लेने में कठिनाई की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के लिए उसका स्वैब नमूना लिया गया, जिसकी रिपोर्ट कोविड-19 संक्रमित पाई गई। इसके बाद उसे अस्पताल के पृथक चिकित्सा कक्ष स्थित गहन चिकित्सा इकाई में स्थानांतरित कर दिया गया।

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. साहेली दासगुप्ता ने बताया कि बालक पिछले तीन-चार दिनों से ज्वर, सर्दी और खांसी से पीड़ित था। एक्स-रे जांच में उसके दाहिने फेफड़े में निमोनिया के लक्षण पाए गए। विषाणु संबंधी जांच में सार्स-कोव-दो संक्रमण की पुष्टि हुई है। चूंकि कोरोना एक विषाणुजनित रोग है, इसलिए प्रतिजैविक औषधियों के स्थान पर उसे नेबुलाइजेशन सहित आवश्यक चिकित्सकीय सहयोग प्रदान किया जा रहा है। बालक की माता को भी पृथक रखा गया है तथा उनकी कोविड जांच कराने की तैयारी की जा रही है।

चिकित्सकों ने बताया कि बालक की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उसके स्वास्थ्य पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है। हालांकि चिकित्सकों ने लोगों से घबराने की आवश्यकता नहीं होने की बात कही है।

उनका कहना है कि वर्षाकाल में बच्चों में ज्वर, सर्दी और खांसी के मामले सामान्य रूप से बढ़ जाते हैं। देश के कुछ हिस्सों में कोविड के नए मामले सामने आए हैं, किंतु अधिकांश संक्रमितों में हल्के लक्षण देखे जा रहे हैं और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता कम पड़ रही है।

उल्लेखनीय है कि देश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। आंध्र प्रदेश में 26 जून से 16 जुलाई के बीच 12 लोगों में कोविड संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त चार संक्रमितों की मृत्यु भी हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के लिए जिम्मेदार स्वरूप की पहचान करने के उद्देश्य से नमूने पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान भेजे हैं। विशेषज्ञों ने ओमिक्रोन के नए उपस्वरूप सिकाडा के संभावित प्रभाव की आशंका व्यक्त की है।

इसी प्रकार पुणे में भी पिछले दस दिनों में कोविड संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश मरीजों में हल्के लक्षण हैं, फिर भी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। चिकित्सकों ने यह भी कहा कि वर्षाकाल में कोविड-19 के साथ-साथ इन्फ्लुएंजा-ए और एच1एन1 संक्रमण के मामलों में भी वृद्धि देखी जाती है। ज्वर, गले में खराश, खांसी अथवा सांस लेने में कठिनाई होने पर तत्काल जांच कराने की सलाह दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता