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नई दिल्ली, 14 जुलाई (हि.स)। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को 15वें ब्रिक्स ट्रेड यूनियन फोरम (टीयूएफ) शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने एक ऐसी वैश्विक व्यवस्था का आह्वान किया, जो श्रमिकों पर केंद्रित हो, जिसमें तकनीकी प्रगति सामाजिक न्याय, जिम्मेदार इनोवेशन और मानवीय गरिमा से निर्देशित हो।
डॉ. मंडाविया ने उद्घाटन सत्र में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण इस बात के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि काम का भविष्य समावेशी, न्यायपूर्ण और श्रमिकों के कल्याण पर केंद्रित रहे।
इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष सुनकारी मल्लेशम ने कहा कि इस सममेलन में 14 ब्रिक्स देशों के लगभग 46 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इसमें भारत के विभिन्न ट्रेड यूनियनों के लगभग 70 प्रतिभागी भी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम चार मुद्दों पर चर्चा करने जा रहे हैं। पहला, काम के भविष्य में महिलाओं की भूमिका। दूसरा सभी के, लिए सामाजिक सुरक्षा। तीसरा, स्किलिंग, री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग। और आखिरी है एआई, यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कामगारों का भविष्य।
हैदराबाद में आयोजित इस तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन का आयोजन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) कर रहा है। इस सत्र का संचालन बीएमएस के महासचिव सुरेंद्र पांडे ने किया और पूर्व अध्यक्ष हिरण्मय पांड्या ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। इस कार्यक्रम में बीएमएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनकारी मल्लेशम और अखिल भारतीय संगठन सचिव बी. सुरेंद्रन शामिल थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर