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रांची, 14 जुलाई (हि.स.)। रांची के तुपुदाना क्षेत्र में दो नाबालिग बच्चियों के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य और अमानवीय घटना ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। यह घटना केवल मानवता को शर्मसार करने वाली नहीं, बल्कि झारखंड की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार की विफलता को भी उजागर करती है।
सोमवार को भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देशानुसार महिला मोर्चा, झारखंड प्रदेश का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार काे प्रदेश अध्यक्ष आरती सिंह के नेतृत्व में पीड़ित परिवार के आवास पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने परिजनों से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की, उनका दुख-दर्द साझा किया और न्याय की लड़ाई में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
मुलाकात के दौरान पीड़ित परिवार ने कई गंभीर और चिंताजनक तथ्य सामने रखे। परिजनों का कहना है कि बच्ची को घर से ले जाने वाले व्यक्ति की पहचान अब तक पुलिस नहीं कर सकी है। यह पुलिस की कार्यशैली और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच करने के बजाय उसे दबाने और लीपापोती करने का प्रयास कर रहा है और मुख्य आरोपितों को बचाने की कोशिश की जा रही है। यदि यह आरोप सत्य है, तो यह न्याय व्यवस्था और कानून के शासन पर गंभीर आघात है।
प्रतिनिधिमंडल में महिला माेर्चा की आरती सिंह, शोभा यादव, सीमा सिंह, शुचिता सिंह, नीलम चौधरी, बबीता वर्मा, सुप्रिया दुबे, अर्चना सिंह, सविता लिंडा शामिल थीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे