लाडली बहना योजना में 3,500 करोड़ की अनियमितता
Irregularities Worth ₹3,500 Crore in 'Ladli Behna' Scheme
लाडली बहना योजना में 3,500 करोड़ की अनियमितता


मुंबई, 13 जुलाई (हि.स.)। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि महायुति सरकार की लाडली बहना योजना में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। योजना के लिए 29,693 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, लेकिन सरकार ने स्वीकृत बजट से 3,541 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए है। इस अतिरिक्त 3,541 करोड़ रुपये के खर्च का सरकार के पास कोई रिकॉर्ड या हिसाब उपलब्ध नहीं है।

सपकाल ने सोमवार को आरोप लगाया कि भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार ने ऐसा कोई विभाग या क्षेत्र नहीं छोड़ा, जहां भ्रष्टाचार न किया हो। अयोध्या में राम मंदिर की दान पेटी लूटी गई है। अब महाराष्ट्र की लाडली बहना योजना में अनियमितता की गई है। योजना के लिए वास्तविक आवश्यकता न होने के बावजूद भी धनराशि निकाली गई। विभिन्न योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार करना भाजपा सरकार की आदत बन चुकी है। न खाऊंगा, न खाने दूंगा का दावा करने वाले भाजपा सरकार को जहां मौका मिलता है, वहीं जनता का पैसा खाने में लगे हुई है।

सपकाल ने कहा कि महिलाओं के कल्याणकारी कार्यक्रमों पर होने वाला खर्च 261.78 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 33,554 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। महिलाओं की योजनाओं पर खर्च बढ़ाने के दौरान आवास विभाग की योजनाओं पर खर्च में 54 प्रतिशत की कटौती की गई, जबकि जलापूर्ति और स्वच्छता पर होने वाले खर्च में 31.81 प्रतिशत की कमी आई। बुनियादी ढांचे पर खर्च कम करके ‘लाड़ली बहना’ योजना पर बढ़ाया गया खर्च सार्वजनिक सेवाओं की दीर्घकालिक स्थिरता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। लाडली बहना योजना की किश्त चुकाने के लिए सामाजिक न्याय विभाग के पैसे का भी इस्तेमाल किया गया है।

कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि साल 2024 में विधानसभा चुनाव से पहले महिला वोटरों का मत हासिल करने के लिए लाडली बहना योजना लाई गई लेकिन सत्ता में आते हीं इन बहनों को भुला दिया गया। 92 लाख महिलाओं को इस योजना से बाहर करने का फैसला महिलाओं के साथ धोखा और राजनीतिक स्वार्थ की पराकाष्ठा है। सत्ता पाने के लिए बिना किसी जांच के पहले रिकॉर्ड संख्या में महिलाओं को लाडली योजना के तहत हर महीने 1500 रूपये बांटे गए।अब अलग-अलग क्राइटेरिया लगाकर महिलाओं को अयोग्य ठहराया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार