सनातन गृहस्थी में मित्र बनकर सहयोग करती है पत्नी: स्वामी विमर्शानंद गिरि
जोधपुर, 27 जून (हि.स.)। स्वामी विमर्शानंदगिरि महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति में विवाह केवल सामाजिक अनुबंध नहीं, बल्कि एक वैदिक संस्कार और आजीवन धर्मयात्रा है। विवाह के समय लिए जाने वाले सप्तपदी के सात फेरे और सात मंत्र केवल रस्में नहीं हैं, बल्कि
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